दतिया। दतिया उपचुनाव का पूरा घटनाक्रम घोषित होने की तारीख से लेकर नतीजों तक काफी अप्रत्याशित रहा। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। इस फैसले के बाद आए परिणामों ने जहां कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर पैदा कर दी है, वहीं भाजपा के अंदर मंथन का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच डबरा से पूर्व विधायक और भाजपा नेता इमरती देवी का बड़ा बयान सामने आया है।
भीतरघात के कारण हुई हार: इमरती देवी
परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इमरती देवी ने कहा कि इस चुनाव को जीतने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत पूरी पार्टी ने दिन-रात मेहनत की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा यह चुनाव आसानी से जीत रही थी, लेकिन पार्टी के ही कुछ आंतरिक तत्वों ने भीतरघात कर प्रत्याशी को हराया। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व को सलाह दी कि संगठन को ऐसे भितरघातियों से सतर्क रहने की सख्त जरूरत है।
नामांकन सभा का वह चर्चित वीडियो
भाजपा ने इस सीट को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन के समय मंच पर पार्टी के तमाम दिग्गज मौजूद थे। इसी दौरान संबोधन के समय नरोत्तम मिश्रा भावुक होकर रो पड़े थे। जब मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष उन्हें संभाल रहे थे, तब मंच पर मौजूद इमरती देवी के हंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसे लेकर काफी चर्चाएं हुई थीं।
आंकड़ों में समझें चुनावी नतीजा
दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 6,016 वोटों के अंतर से जीत हासिल कर अपनी सीट बरकरार रखी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक घनश्याम सिंह को कुल 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में 60,741 वोट पड़े। प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो कांग्रेस को 42.39 फीसदी और भाजपा को 38.57 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।

