घर बैठे कमाई का सपना पड़ा भारी, महिला से लाखों की ऑनलाइन ठगी

इंदौर। शहर के एरोड्रम क्षेत्र से साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक शातिर साइबर ठग ने ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब का झांसा देकर एक महिला से करीब 10 लाख रुपए की भारी-भरकम ठगी कर ली है। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता की शिकायत दर्ज कर ली है और आगे की तहकीकात शुरू कर दी है।

इंस्टाग्राम पर विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल

पीड़िता इति जैन ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि वह बीते जुलाई महीने में इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रही थीं और उसी दौरान उन्हें पार्ट-टाइम जॉब की तलाश थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रॉल करते वक्त उनकी नजर एक जॉब के विज्ञापन पर पड़ी। इस विज्ञापन में दिए गए संपर्क नंबर पर जब उन्होंने कॉल किया, तो उनके पास एक व्हाट्सएप मैसेज आया। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन काम और आकर्षक कमीशन का झांसा देकर टेलीग्राम से जोड़ लिया गया।

टेलीग्राम ग्रुप और रेटिंग के नाम पर टास्क

ठगों ने पीड़िता को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा, जहाँ “एनएससी रिसपेस्ट” के नाम से एक विज्ञापन चलाया जा रहा था। इस काम के तहत उन्हें होटल और रेस्टोरेंट की लिंक भेजकर उन पर रेटिंग देने को कहा गया। शुरुआत में आरोपियों ने उनका नाम, पता और बैंक खाते की जानकारी ले ली। इसके बाद शुरुआती दो रेटिंग के बदले एक हजार रुपए जमा करने पर 30 प्रतिशत तक कमीशन देने का लालच दिया गया। ठगों ने यह विश्वास दिलाया कि जितनी अधिक राशि निवेश की जाएगी, मुनाफा भी उतना ही बड़ा मिलेगा।

भरोसा जीतने के लिए दिए गए शुरुआती मुनाफे

शुरुआती दौर में ठगों ने पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए रिकूमनी दशोरे नाम की युवती के बैंक खाते में पैसे जमा करवाए। इसके बाद उन्हें एक अन्य प्रोफेशनल पेज से जोड़कर दो हजार रुपए और जमा करवाए गए, जिसके एवज में उन्हें मुनाफे के रूप में 3900 रुपए वापस लौटाए गए। यही नहीं, एक रेटिंग पूरी करने पर 900 रुपए का अतिरिक्त कमीशन भी दिया गया। इन शुरुआती भुगतानों के कारण पीड़िता को पूरी तरह विश्वास हो गया और उन्होंने धीरे-धीरे बड़ी रकम जमा करना शुरू कर दिया।

10 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा

आरोपियों ने इति जैन को यह झांसा दिया कि उनके द्वारा निवेश की गई और मुनाफे की कुल राशि उनके वर्चुअल अकाउंट में साफ दिखाई दे रही है, जिसे वे जब चाहें तब निकाल सकती हैं। इसी झांसे में आकर पीड़िता ने अलग-अलग खातों में कुल 10 लाख 8 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें यह एहसास हुआ कि निवेश के नाम पर उनके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो चुका है, तब उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए आप Cyber Crime Reporting Portal या अन्य आधिकारिक माध्यमों की मदद ले सकते हैं।

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