Tuesday, January 13, 2026

दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव न लड़ने का किया ऐलान

Digvijay Singh, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, ने राज्यसभा चुनाव न लड़ने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा कि वह अब अपनी राज्यसभा सीट खाली कर रहे हैं। लगातार दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार चुनाव न लड़ने का फैसला लेकर तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। अब उनका फोकस पूरी तरह मध्य प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनावों पर रहेगा।

विधानसभा चुनाव की तैयारी में रहेंगे सक्रिय

Digvijay Singh : ने बताया कि वे अब राज्य में सक्रिय भूमिका निभाते हुए कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने में जुटेंगे। उनका मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करना इस समय पार्टी के लिए ज्यादा जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने राज्यसभा की बजाय प्रदेश की राजनीति को प्राथमिकता दी है।

दलित नेता को राज्यसभा भेजने पर क्या बोले?

दलित नेता को कांग्रेस की ओर से राज्यसभा भेजने के सवाल पर Digvijay Singh ने कहा, “यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं।” गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने उन्हें पत्र लिखकर दलित नेता को राज्यसभा भेजने की मांग की थी। यह मांग दिग्विजय सिंह के उस बयान के बाद सामने आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री दलित समाज से बने तो उन्हें खुशी होगी।

अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा कार्यकाल

Digvijay Singh का दूसरा राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वे एक बार फिर नामांकन कर सकते हैं, लेकिन उनके ऐलान ने इन अटकलों को खत्म कर दिया है।

राज्यसभा सीट के संभावित दावेदार

अब खाली होने वाली इस राज्यसभा सीट के लिए कई बड़े कांग्रेस नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें कमलनाथ, अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल, मीनाक्षी नटराजन और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी शामिल हैं। Digvijay Singh के फैसले के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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