CM मोहन यादव बोले- 28,200 करोड़ का निवेश, भोपाल-इंदौर में बनेंगे नए IT पार्क

भोपाल: मध्य प्रदेश को देश का सबसे बड़ा और आधुनिक टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी भोपाल में आयोजित 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0' का भव्य शुभारंभ किया। इस उच्च स्तरीय तकनीकी महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), अत्याधुनिक डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर (चिप निर्माण) जैसे भविष्य के बड़े औद्योगिक सेक्टर्स को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से पधारे दिग्गज उद्योगपतियों, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के विशेषज्ञों और बड़े निवेशकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्य प्रदेश अब केवल कृषि में ही नहीं, बल्कि दुनिया की उन्नत तकनीक के क्षेत्र में भी नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

स्पेन की दिग्गज कंपनी धरातल पर उतार रही है 1 गीगाबाइट का विशाल डेटा सेंटर

कॉन्क्लेव में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की हालिया औद्योगिक प्रगति पर गहरा संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने पिछले दो वर्षों के भीतर औद्योगिक और तकनीकी विकास के मामले में जो लंबी छलांग लगाई है, वह वास्तव में अद्भुत और अनुकरणीय है:

  • भारी-भरकम विदेशी निवेश: स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूके (ब्रिटेन), जापान और दक्षिण कोरिया जैसे दुनिया के सबसे विकसित देशों की अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के जरिए मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में ₹28,200 करोड़ से अधिक का भारी-भरकम पूंजी निवेश किया है।

  • बार्सिलोना एमओयू का हुआ क्रियान्वयन: मुख्यमंत्री ने स्पेनिश कंपनी 'सबमर टेक्नोलॉजी' (Submer Technology) का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया, "मुझे अच्छी तरह याद है जब साल 2025 में हमारी टीम बार्सिलोना के दौरे पर गई थी, तब आपके साथ प्रदेश में 1 गीगाबाइट क्षमता वाले डेटा सेंटर की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। उस समय मुझे लगा था कि शायद हम जरूरत से ज्यादा बड़ा लक्ष्य तय कर रहे हैं, लेकिन हमारी प्रशासनिक तत्परता की बदौलत महज एक साल के भीतर वह बड़ा प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने जा रहा है।" उन्होंने साफ किया कि सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों से लेकर छोटे से छोटे स्टार्टअप्स और उद्यमियों को राज्य में आगे बढ़ने के लिए समान और पारदर्शी अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इंदौर सुपर कॉरिडोर और भोपाल में तैयार होंगे आधुनिक वर्ल्ड क्लास आईटी पार्क्स

मध्य प्रदेश में तकनीकी क्रांति को और रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने दो बेहद महत्वपूर्ण और बड़े प्रोजेक्ट्स का आधिकारिक ऐलान किया है। इसके तहत राज्य के दो प्रमुख महानगरों—भोपाल और इंदौर—में कुल 7 लाख वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र में फैले दो विशाल और विश्वस्तरीय आईटी पार्क्स की स्थापना की जाएगी:

  • इंदौर आईटी पार्क (सुपर कॉरिडोर): मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर के प्रसिद्ध सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 3 लाख वर्ग फीट से अधिक के दायरे वाले आधुनिक आईटी पार्क का निर्माण किया जाएगा। इस पार्क का मुख्य उद्देश्य ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) और आईटी डिजिटल सेवा देने वाली वैश्विक कंपनियों को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय तकनीकी बुनियादी ढांचा और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

  • भोपाल आईटी पार्क: राजधानी भोपाल में भी टेक कंपनियों की बढ़ती मांग को देखते हुए 4 लाख वर्ग फीट के क्षेत्र में एक विशाल और अत्याधुनिक आईटी पार्क स्थापित किया जाएगा।

सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना; एआई और प्लग एंड प्ले सुविधाओं से लैस होगा नया एमपी

सूचना प्रौद्योगिकी पार्क के निर्माण के साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य को चिप निर्माण (सेमीकंडक्टर) का गढ़ बनाने के लिए 'सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना करने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस विशेष सेंटर और 'प्लग एंड प्ले' (यानी आएं और काम शुरू करें) जैसी आधुनिकतम सुविधाओं के माध्यम से राज्य में आने वाले नए टेक उद्योगों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत ही कम समय में मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और रोबोटिक्स से लेकर विज्ञान के हर नए सेक्टर में नवाचार (इन्नोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। सरकार की इन नीतियों से न केवल मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि अंचल के लाखों पढ़े-लिखे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बंपर अवसर पैदा होंगे।

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