इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आगामी दीपावली के पावन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी कमर कस ली है। शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए प्रशासन ने पटाखा दुकानों और गोदामों की औचक जांच का अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में कलेक्टर शिवम वर्मा के सख्त निर्देशों के अनुपालन में प्रशासनिक टीम ने राऊ क्षेत्र में एक प्रमुख पटाखा दुकान और उसके गोदाम पर अचानक छापा मारा। इस दौरान अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों में भारी लापरवाही पाए जाने तथा निर्धारित क्षमता से अत्यधिक मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान को पूरी तरह सील कर दिया।
राऊ क्षेत्र में अचानक निरीक्षण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत पूरे जिले में पटाखा कारोबारियों के यहां लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राऊ क्षेत्र के एसडीएम लोकेंद्र सिंह सरल के कुशल मार्गदर्शन में तहसीलदार धीरज सोनी के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने भारत फायर वर्क्स के नाम से संचालित होने वाली दुकान और गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि प्रतिष्ठान परिसर में आग से बचाव के लिए जरूरी अग्नि सुरक्षा उपकरणों का अभाव था और नियमों को ताक पर रखकर तय मात्रा से कई गुना अधिक पटाखे स्टोर किए गए थे। चूंकि पटाखों जैसी ज्वलनशील सामग्री के भंडारण में थोड़ी सी भी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए तत्काल प्रभाव से इसे सील करने की कार्रवाई की।
संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई और आगे भी जारी रहेगा अभियान
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह दुकान और गोदाम इमरान पिता अहमद नूर के स्वामित्व में संचालित किया जा रहा था। प्रशासन की इस अचानक की गई कार्रवाई से शहर के अन्य पटाखा कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि त्योहारी सीजन के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष जांच अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की पटाखा दुकानों, गोदामों और फैक्टरियों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

