धार/इंदौर : बसंत पंचमी के अवसर पर फिर धार अलर्ट मोड पर है. दरअसल, यहां बसंत पंचमी की पूजा के दिन ही जुम्मे की नमाज अदा करने की चुनौती के चलते पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. वहीं, शहर में शांति व्यवस्था बनाने के लिए करीब 8500 से ज्यादा के पुलिस बल के अलावा व्यापक इंतजाम किए गए हैं. वहीं, बसंत पंचमी से पहले एक हिंदू पक्ष द्वारा देवी सरस्वती की पूरे दिन पूजा-अर्चना करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसपर आज फैसला आना है.
शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : कलेक्टर
कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने बताया, '' भोजशाला में पूजा और दूसरे पक्ष द्वारा नमाज को लेकर संभावित व्यवस्था के तहत सभी इंतजाम किए गए हैं. हालांकि, इसके बावजूद शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने के तमाम इंतजाम किए गए हैं. धार में बसंत पंचमी के दिन पूजा और नमाज के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु विभिन्न स्थानों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जिससे किसी भी स्थिति पर त्वरित नियंत्रण किया जा सके. पुलिस द्वारा लगातार गश्त और क्षेत्र में फ्लेग मार्च भी किया जा रहा है.''
कलेक्टर ने बताया कि किसी भी स्थिति में शांति व कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा. शांति भंग करने अथवा कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त व प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ धार
धार एसपी मयंक अवस्थी ने बताया, '' सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से धार में 8 हजार से ज्यादा का पुलिस बल प्राप्त हुआ है. इसमें पुलिस अधीक्षक स्तर के 13, एडिशनल एसपी स्तर के 25, डीएसपी/सीएसपी स्तर के 67, थाना प्रभारी स्तर के 107, एसआई व एएसआई स्तर के 393, प्रधान आरक्षक/आरक्षक स्तर के 4375 अधिकारी/कर्मी तैनात किए गए हैं. क्षेत्र में कुल 933 महिला बल भी तैनात है. कुल 8 आरएएफ प्लाटून की तैनाती भी की गई है. इसके साथ ही लगभग डेढ़ से दो हजार और पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का आना अपेक्षित है.'' यानी 8500 का पुलिस बल यहां तैनात किया गया है. पुलिस अधीक्षक मंयक अवस्थी ने बताया, '' धार में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा साम्प्रदायिक सौहार्द का वातावरण कायम रखने के लिए अभी तक मोहल्ला समिति की 31 बैठकें व मुस्लिम समुदाय के साथ कुल 21 बैठक ली जा चुकी हैं.''
धार नो-फ्लाई जोन घोषित
जिला प्रशासन ने भोजशाला क्षेत्र में बसंत पंचमी पर 300 मीटर परिधि में नो-फ्लाई जोन घोषित किया है. निर्धारित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि जैसे ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) व अन्य किसी भी प्रकार की उड़ने वाली वस्तु का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. शहर की सड़कों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर व लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. इस संबंध में जारी आदेशानुसार नगर पालिका क्षेत्र धार में निवासरत कोई भी व्यक्ति अपने भवन निर्माण सामग्री, मलबा, कंडे, नए अथवा पुराने टायर व लावारिस गुमटियां किसी भी सार्वजनिक स्थान या सड़क के किनारे खुले में नहीं रख सकेंगे. आदेश के उल्लंघन की स्थिति में नगर पालिका परिषद द्वारा उक्त सामग्री को जब्त किया जाएगा. इसके अलावा किसी भी तरह की प्रचार सामग्री भी प्रशासन की निगरानी में प्रकाशित की जा सकेगी.
अक्षत और फूल ही ले जा सकेंगे भोजशाला में
भोजशाला में प्रवेश करने वाले दोनों समुदायों के व्यक्ति पूजन सामग्री, अक्षत व फूल के अतिरिक्त अन्य कोई सामग्री जैसे मोबाइल, किसी भी प्रकार क बैग, कैमरा या गैजेट, पानी बोतल बिना अनुमति के अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे. कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का हथियार या धारदार चीज भी अपने साथ नहीं रख सकता. इसी प्रकार जिले में पेट्रोलियम पदार्थ का बोतल, कैन अथवा खुले रूप में विक्रय भी प्रतिबंधित रहेगा.
आयोजन की पूर्वानुमति लेना जरूरी
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि आदेश अवधि में किसी भी प्रकार के रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन अथवा आयोजन हेतु संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. बसंत पंचमी के अवसर पर शराब दुकानें भी बंद रहेंगी. धार में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है.

