शरीर को तुरंत हाइड्रेट करें, ORS या पानी का सेवन बढ़ाएं

सावधान: गर्मी में बढ़ रहा है 'फूड पॉइजनिंग' का खतरा, इन संकेतों को न करें नजरअंदाज और जानें बचाव के तरीके

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण खाने-पीने की चीजें बहुत जल्दी खराब होने लगती हैं। उच्च तापमान बैक्टीरिया को पनपने का अनुकूल अवसर देता है, जिससे भोजन विषाक्त हो जाता है। बाहर के कटे हुए फल, खुला खाना या बासी भोजन करने से लोग तेजी से फूड पॉइजनिंग का शिकार हो रहे हैं। इसके मुख्य लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, तेज बुखार और शरीर में भारी कमजोरी शामिल है।

लक्षण दिखने पर तुरंत उठाएं ये कदम

यदि आप या परिवार का कोई सदस्य इसकी चपेट में आता है, तो घबराने के बजाय इन प्राथमिक उपचारों पर ध्यान दें:

  • हाइड्रेशन है सबसे जरूरी: उल्टी और दस्त की वजह से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है। इससे बचने के लिए ओआरएस (ORS) का घोल, नारियल पानी, या नींबू-पानी का निरंतर सेवन करें।

  • हल्का भोजन लें: जब तक पेट पूरी तरह ठीक न हो जाए, तब तक मसालेदार और भारी खाने से तौबा करें। दही-चावल, मूंग की दाल की खिचड़ी या दलिया जैसे सुपाच्य आहार ही लें। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट के संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं।

  • शरीर को दें आराम: संक्रमण से लड़ने के दौरान शरीर काफी थक जाता है, इसलिए पर्याप्त नींद और विश्राम रिकवरी के लिए अनिवार्य है।

कब लें डॉक्टरी सलाह?

आमतौर पर यह समस्या घरेलू उपचार से ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ स्थितियां चिंताजनक हो सकती हैं। जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि रोगी को लगातार उल्टियां हो रही हों, दस्त के साथ खून आ रहा हो या तेज बुखार कम न हो रहा हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के मामले में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।

बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां

  • हमेशा ताजा और घर का बना भोजन ही करें।

  • बाहर के कटे हुए फलों और जूस से परहेज करें।

  • खाना बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।

  • पीने के पानी की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।

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