Saturday, April 13, 2024

Farmer Protest: दिल्ली कूच पर 29 फरवरी को फैसला लेंगे किसान, युवा किसान की मौत को लेकर धारा 302 के तहत FIR दर्ज करने की मांग

Farmer Protest: MSP की मांग को लेकर इस बार किसान पीछे हटने तैयार नहीं है. सरकार के रवैये और सख्ती के चलते किसानों को गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि जब तक मृतक किसान के आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा. तबतक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.

Farmer Protest: दिल्ली कूच पर 29 फरवरी को फैसला लेंगे किसान

वहीं किसान नेताओं का कहना है कि दिल्ली चलों आंदोलन पर अगले कदम के बारे में 29 फरवरी को फैसला लिया जाएगा. अपने शहीद साथी को लेकर किसानों का कहना है कि जैसे पुलिस प्रशासन ने हमारे युवक को शहीद किया है. जब तक हमारे युवक को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक संस्कार नहीं करेंगे. 302 का पर्चा होना चाहिए. परिवार का भी यही कहना है.’

अंबाला रेंज के आईजीपी सिबाश कबिराज ने कहा

अंबाला रेंज के IGP सिबाश कबिराज ने कहा, ‘सभी संबंधित पक्षों को यह साफ़ किया जाता है कि अंबाला के कुछ किसान नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के मामले पर दौबारा विचार किया गया है और यह निर्णय यह सामने आया है कि इसे लागू नहीं किया जाएगा. हरियाणा पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों और उनके नेताओं से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का अनुरोध करती है.

Farmer Protest: किसान की मौत के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने जताया विरोध

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवत मान ने खनौरी सीमा चौकी पर मारे गए किसान शुभकरण सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने विरोध जताते हुए इसे ‘ब्लैक फ्राइडे’ मनाने का अह्वान किया है. इसके लेकर शंभू बॉर्डर पर गतिविधियां भी तेज हो गईं हैं.

पंजाब सरकार हमारे शहीदों की शहादत का अपमान कर रही है- किसान नेता

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि शुभकरण सिंह की मौत के बाद पंजाब सरकार से बातचीत की जा रही थी. हमारी सभी मांगें मान ली गईं कि हमला करने वालों के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाए, पंजाब सरकार शुभकरण सिंह को ‘शहीद’ का दर्जा दे, उनके परिवार के साथ मुआवजे पर चर्चा की गई और एक बोर्ड बनाया जाए उसके पोस्टमॉर्टम के लिए एक टीम गठित की जाएगी और उसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी.

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अब 14 घंटे से ज्यादा हो गए हैं लेकिन पंजाब सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है. तो शुभकरण सिंह का शव अस्पताल में पड़ा हुआ है. पंजाब सरकार हमारे शहीदों की शहादत का अपमान कर रही है, यह निंदनीय है. वे कह रहे हैं कि घटना स्थल की जांच करनी होगी- चाहे वह पंजाब में हो या हरियाणा में. मुझे नहीं लगता कि हम अभी शुभकरण सिंह का अंतिम संस्कार कर पाएंगे. पंजाब सरकार के साथ बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है.

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