जब भी कोई व्यक्ति इंटरव्यू, परीक्षा, नई नौकरी, व्यापार की शुरुआत, कोर्ट-कचहरी, निवेश या किसी बड़े फैसले के लिए घर से निकलता है, तो उसके मन में एक ही कामना होती है कि सब कुछ शुभ हो. भारतीय ज्योतिष और सनातन परंपरा में ऐसे कई छोटे-छोटे नियम बताए गए हैं, जिन्हें सकारात्मक ऊर्जा और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इन्हीं मान्यताओं में एक सवाल अक्सर पूछा जाता है कि घर से बाहर निकलते समय पहला कदम दाएं पैर से रखना चाहिए या बाएं से?
ज्योतिष शास्त्र में इसे केवल एक आदत नहीं, बल्कि ऊर्जा के प्रवाह और शुभ संकेतों से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि यह धार्मिक और पारंपरिक मान्यता है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोग किसी खास काम पर निकलने से पहले इन नियमों का पालन करते हैं ताकि आत्मविश्वास बढ़े और कार्य बिना रुकावट पूरा हो सके.
घर से निकलते समय पहला कदम क्यों माना जाता है खास?
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक किसी भी काम की शुरुआत का समय और तरीका उसके परिणाम पर प्रभाव डालने वाला माना जाता है. जैसे शुभ मुहूर्त देखकर विवाह, गृह प्रवेश या नया कारोबार शुरू किया जाता है, उसी तरह घर से पहला कदम भी शुभता का संकेत माना जाता है. मान्यता है कि जब व्यक्ति सकारात्मक सोच और शुभ संकेतों के साथ घर से निकलता है, तो उसका मन अधिक शांत रहता है. यही मानसिक स्थिति निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाती है और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है.
दायां या बायां, कौन सा पैर पहले रखना चाहिए?
ज्योतिष में दाएं पैर का महत्व
ज्योतिष और सनातन परंपरा के अनुसार यदि आप किसी शुभ, महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्य के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं तो सबसे पहले दायां पैर बाहर रखना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि दायां भाग सूर्य तत्व, सकारात्मक ऊर्जा और सफलता का प्रतीक माना गया है. इसी वजह से दाएं पैर से शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है. हालांकि यदि किसी धार्मिक अनुष्ठान या विशेष परंपरा में अलग नियम बताए गए हों, तो उसी परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है.
दाहिने भाग को शुभ क्यों माना गया है?
धार्मिक मान्यताओं में छिपा है इसका आधार सनातन धर्म में शरीर के दाहिने हिस्से को शुभ कार्यों से जोड़ा गया है. यही वजह है कि कई धार्मिक परंपराओं में दाहिने हाथ और दाहिने भाग का विशेष महत्व बताया गया है. पूजा और हवन के दौरान आहुति दाहिने हाथ से दी जाती है. रक्षा सूत्र और राखी दाहिने हाथ में बांधने की परंपरा है. विवाह संस्कार में पाणिग्रहण के समय भी दाहिने हाथ का विशेष महत्व माना जाता है. मंदिरों में कई धार्मिक क्रियाएं भी दाहिने हाथ से करने की परंपरा चली आ रही है. इन्हीं मान्यताओं के आधार पर शुभ कार्य के लिए घर से निकलते समय दायां पैर पहले रखना शुभ माना जाता है.
किन कामों के लिए इस मान्यता का पालन किया जाता है?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार लोग आमतौर पर इन मौकों पर दाएं पैर से घर से निकलने का प्रयास करते हैं.
1. नौकरी के इंटरव्यू के लिए जाते समय.
2. प्रतियोगी परीक्षा देने निकलते समय.
3. नए व्यापार या दुकान का शुभारंभ करते समय.
4. किसी महत्वपूर्ण मीटिंग या सौदे के लिए जाते समय.
5. विवाह, सगाई या धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकलते समय.
6. लंबी यात्रा की शुरुआत करते समय.
यह पूरी तरह आस्था और परंपरा पर आधारित मान्यता है, लेकिन कई लोग इसे शुभ संकेत मानकर अपनाते हैं.

