‘बदला हुआ कश्मीर दुनिया को दिखाइए’, उमर अब्दुल्ला की अपील पर इम्तियाज अली का बड़ा बयान

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को बॉलीवुड से एक महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि फिल्मकार कश्मीर के पुराने और हिंसा से जुड़े दौर को दिखाने के बजाय घाटी की बदलती हुई खूबसूरत तस्वीर को दुनिया के सामने लाएं। इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ फिल्ममेकर राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से प्रोपेगैंडा फिल्में तैयार कर रहे हैं।

उमर अब्दुल्ला की शिकायत और बॉलीवुड पर बयान

पहले जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के कर्टेन-रेजर इवेंट में शामिल होने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए सीएम अब्दुल्ला ने कहा, 'मेरी मुख्य शिकायत यह है कि जब भी यहां फिल्में शूट की जाती हैं, तो आमतौर पर सिर्फ खराब और डरावने हालात ही दिखाए जाते हैं। जैसे हमारे शिकारे चल रहे हैं और हाउसबोट में धमाके हो रहे हैं या गोलीबारी हो रही है। अब कश्मीर की वास्तविक कहानी पूरी तरह बदल चुकी है और हम चाहते हैं कि लोग इस सकारात्मक बदलाव को दुनिया के सामने रखें।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि पूरा बॉलीवुड खराब है, बल्कि कुछ लोग मात्र व्यावसायिक फायदे या राजनीतिक खुशामद के लिए असलियत को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी जिक्र किया कि कुछ निर्देशकों ने कश्मीर में शूटिंग तो की, लेकिन फिल्म में उसे किसी अन्य स्थान के रूप में दर्शाया।

फिल्म फेस्टिवल और शूटिंग को आसान बनाने पर जोर

  • अच्छी फिल्मों को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे फिल्म फेस्टिवल्स के जरिए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि प्रोपेगैंडा से दूर हटकर बॉलीवुड में तमाम बेहतरीन फिल्में भी बनती हैं, जिन्हें परिवार के साथ देखना पसंद किया जाता है।

  • शूटिंग को मिले बढ़ावा: उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार का यह प्रयास होना चाहिए कि फिल्म निर्माताओं के लिए जम्मू-कश्मीर में आकर सुगमता से शूटिंग करना आसान बनाया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर में होने वाला कश्मीर का यह पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल इन सकारात्मक कोशिशों को और अधिक गति प्रदान करेगा।

फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली के विचार

जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 के अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, 'मैं कश्मीरी अवाम को फिल्म निर्माण और कला से जुड़ने के लिए पूरी तरह प्रोत्साहित करूंगा, क्योंकि यह दोनों पक्षों के लिए एक फायदेमंद रिश्ता साबित हो सकता है। कश्मीरियों के लिए सिनेमा की गहरी समझ होना बेहद जरूरी है। आज आम लोग यह चाहते हैं कि फिल्मों में स्थानीय कश्मीरी किरदारों और उनकी कहानियों को प्रमुखता से दिखाया जाए ताकि यहां लोकल सिनेमा का मजबूत विकास हो सके।'

उन्होंने आगे कहा कि वह हरसंभव मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और बड़े पैमाने पर सोचकर रीजनल सिनेमा को इंटरनेशनल स्तर का बनाने की आवश्यकता है, जिससे वैश्विक फिल्ममेकर्स यहां आकर कश्मीर की अनकही कहानियां भी दुनिया तक पहुंचा सकें।

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