वास्तु शास्त्र में हमारे जीवन के हर पहलू के लिए कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से सुख-समृद्धि आती है. विशेष रूप से भोजन करने को लेकर भी कुछ खास नियम बताए गए हैं. अगर इन नियमों का पालन न किया जाए तो माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है. वास्तु के अनुसार, स्वस्थ भोजन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है, लेकिन उतना ही ज़रूरी है कि हम सही स्थान पर खाना खाएं. अगर हम सही स्थान पर बैठकर खाना खाते हैं, तो ऊर्जा हमारे पक्ष में काम करेगी और अगर नहीं, तो चीजें हमारे लिए गलत हो सकती हैं.
दरवाजे की चौखट पर भोजन
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दरवाजे की चौखट या दहलीज पर भोजन करना अशुभ होता है. ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और धन की हानि होती है. यह स्थान देवी-देवताओं का वास माना जाता है, इसलिए इस जगह पर बैठकर भोजन करना माता लक्ष्मी का अपमान होता है.
बिस्तर पर बैठकर भोजन
बिस्तर पर बैठकर भोजन करना स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि से हानिकारक होता है. यह आदत न केवल वास्तु दोष पैदा करती है, बल्कि मानसिक तनाव और धन हानि का कारण भी बनती है.
पूजा स्थान के पास भोजन
घर के पूजा स्थल के पास बैठकर भोजन करना भी अशुभ माना गया है. ऐसा करने से देवी-देवताओं का अपमान होता है और घर की सुख-समृद्धि में बाधा आती है.
टूटे-फूटे या गंदे स्थान पर भोजन
वास्तु शास्त्र के अनुसार, गंदे और टूटे-फूटे स्थान पर भोजन करना नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है. इससे घर में आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
रसोई में गैस चूल्हे के पास भोजन
रसोई में चूल्हे के पास बैठकर भोजन करना भी अशुभ माना जाता है. इससे परिवार में कलह और धन हानि की स्थिति उत्पन्न होती है.
वास्तु शास्त्र में भोजन से जुड़े इन नियमों का पालन करने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. इसलिए इन स्थानों पर भोजन करने से बचना चाहिए और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए स्वच्छ और शुभ स्थान पर ही भोजन करना चाहिए.