सेहत से कोई रिस्क नहीं… समझें नकली और असली सप्लीमेंट में फर्क

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वो कहावत तो आपने बखूबी सुनी होगी कि पहला सुख निरोगी काया. इस कहावत का असली मायने हमें कोरोना महामारी ने समझा भी दिया है. जब पूरी दुनिया में लोग महामारी की चपेट में और जिनका इम्यून सिस्टम कमज़ोर था उन्हें अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा. तब डॉक्टरों से सभी को एक ही सुझाव दिया कि कोरोना को हराना है तो खुद को मज़बूत बनाएं . जिसके बाद लोगों ने भी अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद सतर्कता बरती. उसी का असर है कि आज लोग सेहतमंद रहने के लिए हर कवायद करने को तैयार है. हेल्दी फूड. एक्सरसाइज, योग, फूड टाइमिंग, से लेकर हेल्थ सप्लीमेंट तक लोग सब करने को तैयार है लेकिन अगर इनमें से किसी में भी चूक हो जाये तो लेने के देने भी पड़ सकते हैं . हम ऐसा क्यों कह रहे हैं देखिए इस रिपोर्ट में..

थोड़ा पीछे चलते हैं ये वो दौर था जब हर शख्स के आसपास मौत तांडव कर रही थी. मौत और जिन्दगी के बीच बस कुछ दुरी का फासला था. हर किसी के जहन में अपनी सेहत की फ्रिक और मौत का डर था . कोरोना के इस दौर ने हमें बहुत कुछ सीखा दिया . इस दौर में खाने से लेकर जीने की हर कला में सबको माहरत करने का फितूर चढ़ा था. लिहाजा हेल्दी फूड से लेकर फूड सप्लीमेंट तक ने हर घर में एंट्री ले ली. सेहत सुधारने के लिए लोगों ने सेप्लीमेंट को अपना हथियार बना लिया.
जैसे जैसे सप्लीमेंट का प्रयोग बढ़ता गया. वैसे वैसे बाजार में हेल्थ सप्लीमेंट की डिमांड को देखते हुए नकली सप्लीमेंट बाजार में फलने-फूलने लगे . फिर वही हुआ जिन सप्लीमेंट्स ने आम लोगों को कोरोना से लड़ने कि ताकत दी. आज ये नकली सप्लीमेंट्स लोगों के दुश्मन बनते जा रहे हैं. आज की डेट में मार्केट में इतने सारे हेल्थ सप्लीमेंट उपलब्ध हैं कि ये समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि कौन से असली हैं और कौन से नकली. असली सप्लीमेंट की तरह दिखने वाले नकली सप्लीमेंट में कई बार वो सब्सटेंस होते हैं, जिन पर बैन लगा हुआ है जैसे स्टेरॉयड, हानिकारक केमिकल और नकली इंग्रीडिएंट्स….ये केमिकल बॉडी को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं. यहाँ तक कि आपकी जान भी ले सकते हैं. तो चलिए जानते हैं असली और नकली सप्लीमेंट पहचानने के कुछ आसान तरीके…
1 . मोबाइल से सप्लीमेंट का बारकोड स्कैन करें
2 .सील और पैकेजिंग को अच्थी तरह से चेक करें
3 .पैकेजिंग पर FSSAI का अप्रूवल चेक करें
4 .सप्लीमेंट का होलोग्राम चेक करें
5 . MRP स्टीकर पर विशेष ध्यान दें
6 .सप्लीमेंट को पानी में घोलकर चेक करें
तो जनाब ये वो कुछ खास तरीके हैं जिनको ध्यान में रखकर आप मीठा जहर लेने से बच सकते हैं . तो जान लीजिए सावधानी हटी और दुर्घटना घटी.