Wednesday, January 21, 2026

कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर HC के बाहर महिलाओं ने किया प्रदर्शन

दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर कुलदीप सेंगर की जमानत के खिलाफ पीड़िता और अन्य महिलाओं ने जोरदार पदर्शन कर विरोध जताया है | उन्नाव रेप कांड में दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित कर जमानत मिलने के फैसले ने पीड़िता और उसके परिवार को हिला कर रख दिया है |

इस फैसले के खिलाफ शुक्रवार (26 दिसंबर) को पीड़िता की मां, कई महिला अधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों की महिलाएं हाईकोर्ट के बाहर पहुंचीं और जमकर विरोध जताया | हाथों में तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने सेंगर के खिलाफ नारे लगाए | उनकी मांग थी कि जमानत तुरंत रद्द की जाए. माहौल इतना तनावपूर्ण था कि भारी पुलिस बल तैनात रहा और SSB के जवान भी मौके पर मौजूद थे |

प्रदर्शनकारी महिलाओं का पैदल मार्च

हाईकोर्ट के सामने प्रदर्शन करने के बाद महिला प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करती हुईं इंडिया गेट की ओर आगे बढ़ने लगीं | दिल्ली पुलिस उन्हें लगातार रोक रही थी, लेकिन पैदल मार्च के कारण यातायात प्रभावित हुआ | इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को सड़क किनारे कर दिया |

पीड़िता की मां ने बातचीत में अपना दर्द बयां किया | उन्होंने कहा, "जब तक हमें इंसाफ नहीं मिलेगा, हम लड़ते रहेंगे | हाईकोर्ट के सामने हो या सुप्रीम कोर्ट के आगे, हम चुप नहीं बैठेंगे." एक महिला कार्यकर्ता ने बताया, "यह फैसला सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि हर महिला की सुरक्षा पर सवाल उठाता है | सेंगर जैसे लोग बाहर आएंगे तो बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी?"

मामले पर पीड़िता ने क्या कहा?

गौरतलब है कि पीड़िता ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी | साथ ही CBI पर भी उन्होंने भरोसा खोने की बात कही है. यह पुराना मामला 2017 का है, जब उन्नाव की नाबालिग लड़की ने सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था | केस में कई दर्दनाक मोड़ आए. पीड़िता के परिवार पर हमले, पिता की हिरासत में मौत और सड़क दुर्घटनाएं हुईं |

निचली अदालत ने सुनाई थी सेंगर को उम्रकैद की सजा

निचली अदालत ने 2019 में सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने हाल ही में अपील के दौरान सजा निलंबित कर सशर्त जमानत दे दी. हालांकि, सेंगर अभी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि पीड़िता के पिता की मौत के अलग केस में 10 साल की सजा पर अभी राहत नहीं मिली है |

शुक्रवार को हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर पुराने जख्म को हरा कर दिया है | महिला संगठन अब सुप्रीम कोर्ट से न्याय की आस लगाए हुए हैं | वहीं दूसरी ओर CBI भी हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है |

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