दिल्ली का सबसे सस्ता और फेमस सदर बाजार हरियाणा जाएगा? जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली। देश की राजधानी के ऐतिहासिक थोक बाजार 'सदर बाजार' को हरियाणा में स्थानांतरित करने की सुगबुगाहट के बीच दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। हाल ही में नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान हरियाणा सरकार ने दिल्ली के उद्यमियों और व्यापारियों को अपने राज्य में निवेश व व्यापार विस्तार के लिए आमंत्रित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली की प्रमुख व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठक कर नए औद्योगिक हब और बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर उनके सुझाव सुने और भरोसा दिलाया कि कोई भी अंतिम निर्णय व्यापारियों की सहमति के आधार पर ही लिया जाएगा।

ऐतिहासिक सदर बाजार को छोड़ने से व्यापारियों का दोटूक इनकार

थोक व्यापार जगत के प्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरवीर सिंह के समक्ष साफ किया कि वे हरियाणा में अपने कारोबार का दायरा बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन दिल्ली के ऐतिहासिक व पारंपरिक सदर बाजार को पूरी तरह दूसरी जगह शिफ्ट करने का कोई भी प्रस्ताव उन्हें कतई मंजूर नहीं होगा। इसके अलावा, व्यापारिक संगठनों ने सरकार द्वारा प्रस्तावित 125 एकड़ भूमि के आवंटन पर भी आपत्ति जताई। व्यापारियों का तर्क है कि वर्तमान में सदर बाजार लगभग 680 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है, ऐसे में सरकार द्वारा दिया जा रहा भूखंड उनकी कारोबारी आवश्यकताओं के लिहाज से बेहद छोटा है। इसलिए सरकार को बड़ी व्यापारिक टाउनशिप के लिए अधिक भूमि आवंटित करनी चाहिए।

बहुमंजिला इमारतों के बजाय प्लॉट आधारित मॉडल और FAR बढ़ाने की मांग

संवाद के दौरान व्यापारियों ने बहुमंजिला व्यावसायिक परिसरों के पुराने सरकारी मॉडल को खारिज करते हुए प्लॉट आवंटन की वकालत की, ताकि एक ही परिसर में शोरूम, दफ्तर और गोदाम सुगमता से बनाए जा सकें। इसके साथ ही व्यावसायिक निर्माण को व्यावहारिक बनाने के लिए मौजूदा फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 1.5 से बढ़ाकर 2 करने की पुरजोर मांग उठाई गई, जिस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेसमेंट क्षेत्र को FAR की गिनती में शामिल नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, पिछले साढ़े तीन वर्षों से विस्तार योजना की राह देख रहे भागीरथ पैलेस के विद्युत व्यापारियों को अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि अगले तीन महीनों के भीतर लेआउट प्लान फाइनल कर रजिस्ट्रियों का काम शुरू कर दिया जाएगा।

डेढ़ वर्ष में विकसित होंगे आधुनिक प्लॉट और प्रदूषण-मुक्त ट्रांसपोर्ट नगर

मुख्यमंत्री के साथ हुई इस विस्तृत समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अगले डेढ़ महीने के भीतर भूखंडों की रजिस्ट्री प्रक्रिया आरंभ करने का लक्ष्य है, जबकि तकरीबन डेढ़ वर्ष के भीतर राई, पलवल, मानेसर, सोनीपत और बहादुरगढ़ जैसे क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे वाले प्लॉट पूरी तरह विकसित कर दिए जाएंगे। इस पूरी व्यापारिक परियोजना को पूरी तरह 'नो-व्हीकल जोन' के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां मुख्य प्रवेश द्वार पर माल अनलोड होने के बाद ई-कार्ट के माध्यम से दुकानों तक पहुंचेगा। इसके साथ ही, ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क के लिए इन नए व्यापारिक केंद्रों में 50 से 5,000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट आधारित ट्रांसपोर्ट नगर भी अनिवार्य रूप से विकसित किए जाएं।

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