नई दिल्ली। देश की राजधानी में आगामी 22 जून से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल हरित अभियान का आगाज होने जा रहा है। इस महा-अभियान के अंतर्गत पूरी दिल्ली में करीब 70 लाख नए पौधे रोपने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर इस मेगा ड्राइव की तैयारियों का व्यापक जायजा लिया। उन्होंने इस पूरी मुहिम को आम जनता के सहयोग पर टिकी एक सामूहिक हरित क्रांति करार दिया, जिसमें नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की मूल भावना से प्रेरणा लेते हुए इस कार्य में विभिन्न सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए (RWA), विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और आम नागरिकों को बढ़-चढ़कर जोड़ा जाएगा। पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में अपना अमूल्य योगदान देने वाले सजग नागरिकों को सरकार की ओर से 'पर्यावरण रक्षक' का एक डिजिटल ई-सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।
घर-घर मुफ्त पौधे पहुंचाएंगे 'वृक्ष रथ'
दिल्ली के कोने-कोने तक हरियाली फैलाने और लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार ने एक खास योजना बनाई है। इसके तहत विशेष 'वृक्ष रथ' तैयार किए गए हैं, जो विभिन्न रिहायशी कॉलोनियों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक चौराहों पर जाकर लोगों को बिल्कुल मुफ्त में पौधे वितरित करेंगे। इस अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत जुलाई के प्रथम सप्ताह में होगी, जिसके तहत दिल्ली रिज (वन क्षेत्र) के अलग-अलग हिस्सों में लगभग ढाई लाख पौधे लगाकर वहां के ईको-सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह दूरदर्शी कदम दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
ई-फॉरेस्ट ग्रीन ड्राइव पोर्टल से होगी डिजिटल निगरानी
इस पूरे पौधरोपण कार्यक्रम को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए एक अत्याधुनिक 'ई-फॉरेस्ट ग्रीन ड्राइव' नामक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मदद से आम जनता पौधरोपण का हिस्सा बनने के लिए अपना पंजीकरण करा सकेगी और अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट भी बुक कर पाएगी। इसके अलावा, नागरिकों द्वारा लगाए गए पौधों की जियो-टैग्ड (स्थान की जानकारी वाली) तस्वीरें भी इस पोर्टल पर अपलोड की जा सकेंगी।
डिजिटल मैप पर दर्ज होगा हर एक पौधा
इस तकनीकी व्यवस्था के तहत रोपे गए सभी पौधों का पूरा डेटाबेस तैयार किया जाएगा और उन्हें एक विशेष 'डिजिटल हरित मानचित्र' (ग्रीन मैप) पर पंजीकृत किया जाएगा। इससे न केवल पौधों की सटीक संख्या का पता रहेगा, बल्कि भविष्य में उनकी वृद्धि और देखरेख की लाइव मॉनिटरिंग भी बेहद आसानी से की जा सकेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से पौधों के जीवित रहने की दर में काफी सुधार होगा।

