दिल्ली | सचिवालय में दिल्ली सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) और GMR के बीच एक नया MoU साइन हुआ है. इसके तहत इंद्रलोक से आज़ादपुर के बीच वाली सड़क का रीडिवेलपमेंट, सफाई और हरियाली का काम अब GMR देखेगा. कंपनी अगले तीन साल तक इस पूरे स्ट्रेच की मेंटेनेंस करेगी. पौधारोपण, ड्रिप इरिगेशन, पानी की सप्लाई और सोलर पंप लगाने जैसे काम शुरू भी हो चुके हैं. बताया गया है कि GMR इस प्रोजेक्ट पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च करेगा | दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार कई बड़ी कंपनियों को CSR मॉडल के तहत सड़कें और फ्लाईओवर्स “गोद लेने” का जिम्मा दे रही है. ताकि साफ-सफाई, ग्रीन कवर और सड़क की नियमित देखभाल पहले से बेहतर हो सके |
इसी मॉडल पर आगे बढ़ते हुए अलग-अलग कंपनियों को कई अन्य लोकेशन भी सौंपे गए हैं. IOCL को मधुबन चौक से मुकरबा चौक तक का हिस्सा, चिराग दिल्ली फ्लाईओवर, पंचशील क्लब और IIT फ्लाईओवर की देखरेख दी गई है. IGL को मुनिरका फ्लाईओवर का जिम्मा मिला है. वेदांता को पंजाबी बाग फ्लाईओवर के राम मंदिर साइड, आउटर रिंग रोड के शालीमार बाग साइड और नया राव तुला मार्ग का फ्लाईओवर सौंपा गया है |
गोदरेज को नेताजी सुभाष पैलेस वाले फ्लाईओवर की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि डालमिया को ओबेरॉय–लोधी रोड एरिया मिला है. DLF को करमपुरा फ्लाईओवर दिया गया है. दिल्ली सरकार का कहना है कि बाकी कई कंपनियों के साथ भी बातचीत जारी है, ताकि राजधानी की सड़कों को ज्यादा व्यवस्थित और साफ बनाया जा सके | सरकार की अपील है कि केवल विभाग या कंपनियां नहीं, बल्कि दिल्ली के लोग भी इस प्रदूषण कम करने वाली मुहिम का हिस्सा बनें. कारपूल, वर्क-फ्रॉम-होम जैसे विकल्प अपनाने से सड़क पर भीड़ और वाहन प्रदूषण दोनों कम होंगे. सरकार ने बायोमास बर्निंग जैसे कामों पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है |
सरकार का कहना है कि धूल भी दिल्ली के प्रदूषण की बड़ी वजह है, इसलिए लगातार सड़क धुलाई, पौधारोपण और छिड़काव का काम किया जाएगा. इसी क्रम में पूरे रिंग रोड की बड़े स्तर पर साफ-सफाई और वॉशिंग का अभियान शुरू किया जा रहा है, ताकि सड़क किनारे जमती धूल को हटाया जा सके | सरकार का दावा है कि जब प्रशासन और जनता दोनों साथ मिलकर काम करेंगे, तभी दिल्ली प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में मजबूत तरीके से खड़ी हो पाएगी |

