मासूम बच्ची हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई, नोएडा पुलिस का हुआ सम्मान

नोएडा | उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या करने वाले कुख्यात आरोपी बलराज को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किए जाने के बाद स्थानीय नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। मंगलवार को मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोगों ने आगे आकर नोएडा की पुलिस आयुक्त (CP) लक्ष्मी सिंह, डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह और एडीसीपी स्वतंत्र सिंह को सम्मानित किया। समाज के लोगों ने पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की भूरी-भरी प्रशंसा करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ था खुलासा?

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गत 28 अगस्त को कोतवाली क्षेत्र से छह साल की एक मासूम बच्ची अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की गुमशुदगी की शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और युद्ध स्तर पर तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान जब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो एक फुटेज में आरोपी बलराज बच्ची को अपने साथ ले जाते हुए साफ दिखाई दिया। इसके बाद की फुटेज में वह संदिग्ध हालत में बोरे में कुछ सामान ले जाता हुआ नजर आया। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ की।

आरोपी ने कबूला था जुर्म, पूछताछ में सामने आई थीवानियत

पुलिस की पूछताछ में आरोपी बलराज ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसने मासूम बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को एक बोरे में भरकर सुनसान जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ही जंगल से बच्ची का शव बरामद किया था।

पुलिस पर फायरिंग के बाद मुठभेड़ में मारा गया था आरोपी

घटना की कड़ियों को जोड़ने और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद करने के लिए जब पुलिस टीम आरोपी बलराज को लेकर जा रही थी, तब उसने शातिर तरीके से एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस दल पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था। आत्मरक्षा में और जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें आरोपी बलराज गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, मारे गए आरोपी बलराज के खिलाफ पहले से ही हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं के कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। सम्मान समारोह में मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि इस तरह के घिनौने अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ पुलिस की यह त्वरित और निर्णायक कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द पूरा न्याय मिलेगा।

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