विधानसभा की सुरक्षा होगी और मजबूत, वॉच टावर व पेट्रोलिंग ट्रैक का होगा निर्माण

नई दिल्ली। अप्रैल के महीने में दिल्ली विधानसभा परिसर के भीतर हुई गंभीर सुरक्षा चूक के बाद अब वहां के सुरक्षा तंत्र को अभेद्य बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। विधानसभा की बाहरी चारदीवारी के साथ अब एक अत्याधुनिक वॉच टावर और विशेष पेट्रोलिंग ट्रैक (गश्ती मार्ग) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पूरे परिसर की चौबीसों घंटे अचूक निगरानी की जा सके और किसी भी संदिग्ध हलचल पर सुरक्षाकर्मी तुरंत एक्शन ले सकें। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस पूरी सुरक्षा परियोजना के लिए बकायदा टेंडर (निविदा) प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है, जिस पर करीब 94 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक, ठेका आवंटित होने के बाद निर्माण कार्य को दो महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष की कार में गुलदस्ता रख गायब हो गया था नकाबपोश

सुरक्षा को चाक-चौबंद करने का यह बड़ा फैसला अप्रैल में घटी उस चौंकाने वाली घटना के बाद लिया गया है, जब एक नकाबपोश अज्ञात शख्स सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाते हुए विधानसभा के एक मुख्य द्वार से जबरन भीतर दाखिल हो गया था। यह घुसपैठिया बेहद आसानी से विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की आधिकारिक गाड़ी तक पहुंच गया और उसमें फूलों का एक बुके (गुलदस्ता) रखकर आराम से रफूचक्कर हो गया था। इस सनसनीखेज वाकये ने विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके अलावा, इसी साल बजट सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष को बम से उड़ाने की धमकी भरे संदेश भी मिले थे, जिसके बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), दिल्ली पुलिस और पीडब्ल्यूडी के उच्चाधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग कर सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा की गई थी।

परिसर के भीतर मोबाइल पेट्रोलिंग वाहन और रियल टाइम इंफो सिस्टम होगा तैनात

नई चाक-चौबंद सुरक्षा योजना के अंतर्गत अब विधानसभा परिसर के अंदरूनी रास्तों पर एक विशेष मोबाइल पेट्रोलिंग व्हीकल (गश्ती वाहन) को तैनात करने की रूपरेखा तैयार की गई है। यह त्वरित प्रतिक्रिया वाहन (क्यूआरवी) परिसर के भीतर बेहद तेजी से मूव कर सकेगा और किसी भी आपातकालीन स्थिति या अनधिकृत घुसपैठ के प्रयास के दौरान संदिग्धों का रास्ता रोकने व उन्हें तुरंत दबोचने में सक्षम होगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि केवल एक जगह तैनात रहने वाले सुरक्षाकर्मी पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए गतिशील गश्त को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न सुरक्षा विंग्स के बीच खुफिया जानकारियों को तुरंत साझा करने के लिए 'रियल टाइम सूचना प्रणाली' को भी बेहद मजबूत बनाया जा रहा है।

सीसीटीवी कैमरों का जाल और परिधि सुरक्षा को अपग्रेड करने की तैयारी

परियोजना के अगले चरण में पूरी विधानसभा की परिधि (पेरिमीटर) सुरक्षा को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से लैस किया जाएगा। इसके तहत चारदीवारी के आसपास नए और हाई-रेजोल्यूशन वाले नाइट विजन सीसीटीवी कैमरों का एक मजबूत जाल बिछाया जाएगा, जिनकी सीधी मॉनिटरिंग एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से होगी। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के अनुसार, वॉच टावर की ऊंचाई इस तरह तय की जा रही है जिससे न केवल पूरी विधानसभा बल्कि आसपास के संवेदनशील रास्तों पर भी पैनी नजर रखी जा सके। इस नए सुरक्षा अपग्रेड के लागू होने के बाद दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा किसी छावनी जैसी मजबूत हो जाएगी, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की घुसपैठ या चूक की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

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