संजय झील बनेगी और खूबसूरत, 5000 पौधे और फव्वारों की होगी व्यवस्था

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली की ऐतिहासिक और प्रसिद्ध 'संजय झील' के कायाकल्प और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को गति देने के लिए एक व्यापक और चरणबद्ध कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संजय झील का विस्तृत स्थानीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने उपराज्यपाल को 52 एकड़ में फैली इस विशाल झील और इसके चारों ओर स्थित 165 एकड़ के संरक्षित वन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार किए गए विस्तृत मास्टर प्लान की जानकारी दी।

दल्लूपुरा एसटीपी से मिलेगा साफ पानी; जल बोर्ड की पाइपलाइन को जल्द ठीक करने के निर्देश

संजय झील को प्रदूषण मुक्त, बारहमासी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से एक बेहतरीन सार्वजनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। समीक्षा बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने दिल्ली जल बोर्ड की पाइपलाइनों की तुरंत मरम्मत करने के कड़े निर्देश दिए। पाइपलाइन ठीक होने से दल्लूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से साफ और उपचारित किए गए जल की नियमित आपूर्ति झील में सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे भीषण गर्मी के दिनों में भी झील का जलस्तर कम नहीं होगा।

पर्यटन और पर्यावरण का बनेगा संगम, स्थानीय निवासियों को मिलेगी बड़ी सौगात

इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य संजय झील और उसके आसपास के वन क्षेत्र को एक समृद्ध इको-सिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) में बदलना है, ताकि यहाँ प्रवासी पक्षियों का आगमन बढ़ सके और जैव विविधता को बढ़ावा मिले। इसके साथ ही, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए इसे एक स्वच्छ और सुंदर पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को काम में पारदर्शिता बरतने और तय समय सीमा के भीतर कायाकल्प के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की हिदायत दी है।

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