नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की पुनर्बहाली की मांग को लेकर विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर आपत्तिजनक व विवादित नारे लिखे जाने की घटना सामने आई है, जिसने परिसर के वातावरण को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। जहां एक ओर आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपने प्रदर्शन को छवि खराब करने की साजिश करार दिया है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रसायनों की मदद से दीवारों को साफ कराने का कार्य आरंभ कर दिया है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
जामिया प्रशासन ने परिसर की शांति भंग करने वाले इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। अधिकारियों के अनुसार जिन स्थानों पर यह विवादित लेखन किया गया है, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के तारों को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। प्रशासन की ओर से उपद्रवियों की पहचान के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। छात्र पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल के जरिए अपनी मांग उठा रहे हैं, जिसके जवाब में प्रशासन ने छात्र संघ संविधान के पुनर्गठन हेतु एक समिति का गठन किया है।
राजनीतिक हलचल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से परिसर के बाहर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गईं। इस दौरान पुलिस प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत पुख्ता करनी पड़ी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी परिसर में लिखे गए विवादित नारों के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों से त्वरित प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कदम उठाने की जोरदार मांग की है।

