दिल्ली | दिल्ली में लगातार बढ़ते कैंसर के मामलों ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. आईसीएमआर–नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के नए आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सरकारों पर हमलावर रुख अख्तियार करते हुए कहा कि, राजधानी की स्थिति भयावह होती जा रही है और सरकारें आंखें मूंदकर बैठी हैं |
यादव ने कहा कि राजधानी में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हालिया आंकड़े बेहद चिंतजनक हैं. 2024 में 28,387, 2023 में 27,561 और 2022 में 26,735 मामले दर्ज किए गए. उनके अनुसार, कैंसर सुनते ही मरीज अपनी जिंदगी का अंत समझने लगता है, लेकिन सरकारें आधुनिक इलाज सुविधाएं उपलब्ध कराने में नाकाम रही हैं. उन्होंने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार और मौजूदा बीजेपी शासित रेखा गुप्ता सरकार दोनों पर स्वास्थ्य ढांचे की बदहाली को लेकर निशाना साधा |
कांग्रेस नेता ने बताया कि पूरे देश में 2024 में 15.33 लाख से अधिक कैंसर मामलों का दर्ज होना इस खामोश महामारी का पैमाना बताता है. उन्होंने कहा, दिल्ली में जनसंख्या घनत्व के मुकाबले कैंसर की दर देश में सबसे अधिक है | कैंसर विशेषज्ञों के हवाले से उन्होंने कहा कि, दिल्ली की जहरीली हवा, तनाव, धूलकण और बढ़ता प्रदूषण भी इस बीमारी के बड़े कारक हैं. देर से पहचान होने के कारण भी मामलों की संख्या हर साल बढ़ रही है |
प्रदूषण और जीवनशैली के कारण बढ़ रहा कैंसर का खतरा
देवेंद्र यादव ने फेफड़ों के कैंसर पर बढ़ते जोखिम का जिक्र करते हुए कहा कि जब हवा ही जहरीली हो, तो बीमारी का फैलाव रुकना मुश्किल है. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांग की कि दिल्ली भर में बड़े स्तर पर कैंसर जागरूकता अभियान चलाया जाए और सरकारी अस्पतालों में स्क्रीनिंग एवं आधुनिक इलाज सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे गरीब मरीजों को राहत मिल सके |
यादव ने कहा कि मिलावटी खाने-पीने की चीजें, तंबाकू और शराब का उपयोग कैंसर फैलाने वाले प्रमुख कारणों में हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार खुद इन उत्पादों की बिक्री की अनुमति देकर करोड़ों का राजस्व कमाती है, तो उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह मरीजों के लिए दवाइयों और स्क्रीनिंग की मुफ्त सुविधा भी सुनिश्चित करे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों की बदहाली के कारण गरीब मरीज इलाज न करा पाने की स्थिति में हैं |
दिल्ली में कैंसर का भविष्य, गंभीर चेतावनी
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही के चलते कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की नकली दवाएं खुलेआम बिक रही हैं, जिससे मरीज इलाज के बजाय जान गंवा रहे हैं. उन्होंने इसे दिल्ली के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य बताया.यादव ने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 0–74 वर्ष आयु वर्ग में हर 6 पुरुषों में एक और हर 7 महिलाओं में एक को जीवनकाल में कैंसर होने की आशंका है. पुरुषों में कैंसर निदान की औसत आयु 58 वर्ष और महिलाओं में 55 वर्ष बताई गई है, जो राजधानी के वातावरण और प्रदूषण स्तर की भयावह तस्वीर पेश करती है |
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खतरनाक स्तर 400+ के ऊपर बना रहने के लिए भी यादव ने सीधे तौर पर रेखा गुप्ता सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि प्रदूषण, खराब स्वास्थ्य-ढांचा और सरकारी उदासीनता मिलकर राजधानी बीमारी की दलदल में धकेल रहे हैं |

