नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में पार्सल डिलीवरी के दौरान चलते ट्रकों से कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब करने वाले एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय (इंटरस्टेट) गिरोह का द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन शातिर बदमाशों को दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बाजार में करीब 1.5 करोड़ रुपये की कीमत के 604 नए विवो (Vivo) मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
अमेजन के कंसाइनमेंट से उड़ाए थे फोन, यूपी के बाग में छुपाए
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने प्रसिद्ध ई-कॉमर्स कंपनी 'अमेजन' (Amazon) के लिए जा रहे एक बड़े कंसाइनमेंट ट्रक को निशाना बनाया था। शातिरों ने ट्रक से सैकड़ों मोबाइल फोन पार कर दिए थे और फिर उन्हें ठिकाने लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ले गए। पुलिस ने इन सभी 604 ब्रांड न्यू मोबाइलों को बुलंदशहर के एक बाग में छिपाए गए ठिकाने से सुरक्षित बरामद कर लिया है।
इन अधिकारियों के नेतृत्व में मिली सफलता
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) कुशाल पाल सिंह ने इस बड़ी कामयाबी की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह महत्वपूर्ण सफलता एसीपी किशोर कुमार रेवाला के मार्गदर्शन और सेक्टर-23 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बिजेंद्र छिल्लर के नेतृत्व वाली स्पेशल पुलिस टीम को मिली है, जिसने खुफिया सूचनाओं और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को ट्रेस किया।
ट्रक ड्राइवरों से साठगांठ कर सुनसान रास्तों पर होती थी 'डीलिंग'
पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने के बेहद चौंकाने वाले और शातिर तौर-तरीकों (मोडस ऑपेरंडी) का खुलासा हुआ है:
टारगेट: ये आरोपी आदतन अपराधी हैं और केवल उन्हीं ट्रकों को निशाना बनाते थे, जिनमें भारी मात्रा में महंगे और हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स ट्रांसपोर्ट हो रहे हों।
साठगांठ: वारदात को अंजाम देने के लिए ये गिरोह रास्ते में ही माल ले जा रहे ट्रक ड्राइवरों को पैसों का लालच देकर अपने साथ मिला लेता था।
पिकअप: इसके बाद योजना के मुताबिक किसी सुनसान रास्ते या हाईवे के किनारे ट्रक को रुकवाया जाता था। वहां पहले से तैयार आरोपी अपने पिकअप वाहन को लगाते थे और मिनटों में करोड़ों के मोबाइल फोन अपने वाहन में शिफ्ट कर फरार हो जाते थे।
आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक ऐसे कितने कंसाइनमेंट को निशाना बनाया है और इनके साथ कौन-से ट्रक ड्राइवर शामिल थे। पुलिस को अंदेशा है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों के बड़े गैजेट तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं।

