अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे से मोजतबा गायब! हत्या वाली जगह पहुंचा ताबूत

तेहरान। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर वाले ताबूत को एक अघोषित कार्यक्रम के दौरान उसी स्थान पर ले जाया गया, जहां उनकी हत्या की गई थी। ईरानी सरकारी मीडिया ने इस औचक आयोजन की पुष्टि करते हुए इसे पूर्व सर्वोच्च नेता का 'शहादत स्थल' बताया है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में 28 फरवरी को अमेरिकी और इस्राइली हमलों में अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को इस्लामी गणराज्य का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया। इस घटना के बाद से ही पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव और संघर्ष काफी बढ़ गया है।

अंतिम यात्रा का कार्यक्रम और सुरक्षा चिंताएं

दिवंगत नेता के सम्मान में राजधानी तेहरान में 4 और 5 जुलाई को बहु-दिवसीय सार्वजनिक विदाई समारोह का आयोजन किया जा रहा है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, इस अंतिम यात्रा में देश के इतिहास की सबसे बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद है, जिसमें करीब 20 मिलियन (2 करोड़) लोग शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख कर रहे सैन्य कमांडरों के अनुसार, सार्वजनिक विदाई का यह कार्यक्रम तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में आयोजित होगा। हालांकि, सुरक्षा कारणों और इस्राइली हमलों के सीधे खतरे को देखते हुए ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता के इस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और शोक संदेश

अली खामेनेई के निधन पर वैश्विक स्तर से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर ग्रैंड अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, लेबनान युद्धविराम और जारी कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर भी अहम चर्चा हुई।

भारत की ओर से प्रतिनिधित्व

इस ऐतिहासिक विदाई समारोह में शामिल होने के लिए भारत सरकार की तरफ से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ईरान रवाना हो रहा है। विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश मामलों की राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शुक्रवार, 3 जुलाई को ईरान पहुंचेंगे। यह भारतीय प्रतिनिधिमंडल दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और विदाई कार्यक्रमों में शामिल होकर भारत की ओर से शोक प्रकट करेगा।

Latest news

Related news