‘सिख गुरुओं का अपमान किया’, हर्ष मल्होत्रा ने भगवंत मान से मांगा इस्तीफा

Bhagwant Mann नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा निशाना साधा है। मल्होत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री मान अपनी विधानसभा के भीतर और बाहर की हरकतों के कारण लगातार विवादों में घिरे रहते हैं। उन्होंने एक हालिया वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इसमें सिख गुरुओं का अपमान किया गया है, जिसके चलते अकाल तख्त साहिब ने उन्हें तलब कर खालसा पंथ विरोधी घोषित किया है और सिख समुदाय को उनसे दूरी बनाने की हिदायत दी है।

Bhagwant Mann :  ‘गलतियां छुपाने के लिए रिश्वत देने के आदि हैं आप नेता’

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि इंसान से गलती होने पर यदि वह सच्चे मन से माफी मांग ले, तो समाज उसे क्षमा कर देता है। लेकिन ‘आप’ नेताओं की फितरत ही गलती करने की बन चुकी है.

उन्होंने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मान पहले तो अक्षम्य कृत्य करते हैं और फिर फॉरेंसिक रिपोर्ट में हेरफेर कराने के लिए रिश्वत का सहारा लेते हैं, जिसके संबंध में गुरुग्राम में बाकायदा एफआईआर (FIR) भी दर्ज है। मल्होत्रा ने कहा कि मान ने न केवल सिख गुरुओं और पूरे समाज का दिल दुखाया है, बल्कि अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का भी घोर अनादर किया है.

पूरे देश और सिख समाज से माफी मांगे आम आदमी पार्टी: हर्ष मल्होत्रा

मल्होत्रा ने सख्त लहजे में कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री सिर्फ वहां की जनता का ही नहीं, बल्कि ईश्वर और गुरुओं का भी अपमान कर रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली सरकार ने खुद धार्मिक बेअदबी करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का कानून पास किया था, जो अब खुद उनके अपने नेताओं पर भी लागू होना चाहिए. उन्होंने मांग की कि आम आदमी पार्टी को तुरंत पूरे देश, सिख समाज और अकाल तख्त से बिना शर्त क्षमा मांगनी चाहिए और भगवंत मान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.

‘यह राजनीति नहीं, आस्था पर चोट है; मान ने सर्वोच्च संस्था को दी चुनौती’

प्रेस वार्ता में मौजूद विधायक और यमुना पार विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने भी इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इसे एक सामान्य राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि यह करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था और गुरुओं के प्रति अटूट विश्वास से जुड़ा हुआ विषय है.

लवली ने कहा कि अकाल तख्त सिखों की सबसे शीर्ष और पवित्र धार्मिक संस्था है, जिसके सामने इतिहास में महाराजा रणजीत सिंह से लेकर कई बड़े-बड़े मुख्यमंत्री और मंत्री भी नतमस्तक हो चुके हैं. ऐसी सर्वोच्च संस्था के आदेश को चुनौती देकर मान ने बेहद गंभीर अपराध किया है, जिसके लिए उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.

‘धोखेबाजी के बाद अब धार्मिक मर्यादाओं से खिलवाड़ कर रही है आप’

अरविंदर सिंह लवली ने ‘आप’ नेताओं पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी पहले तो केवल राजनीतिक मोर्चे पर लोगों को धोखा देती थी, लेकिन अब वे जनता की पवित्र आस्था के साथ भी खिलवाड़ करने लगे हैं. अकाल तख्त की गरिमा और मर्यादा की रक्षा के लिए सिख कौम ने ऐतिहासिक बलिदान दिए हैं. उन्होंने अंत में कहा कि हरियाणा सरकार ने इस पूरे संवेदनशील मामले को उजागर करके अकाल तख्त के आदेशों और उसकी पवित्र मर्यादा को बनाए रखने का एक सराहनीय कार्य किया है.

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