दिल्ली : दिल्ली में दंगों का वो खूनी मंज़र कौन भूल सकता है. आज भी वो चीख पुकार दिल्ली वासियों के कानों में गूंजती है . सड़क पर जलती गाड़ियों की काली परछाई आज भी उन दंगा ग्रस्त इलाकों में मौजूद है . दंगों के बाद देश की जनता इंतज़ार कर रही थी कि कब उस खूनी झड़प को भड़काने वालों को सज़ा मिले . इसी कड़ी में एक बड़ी खबर सामने आई है. दिल्ली दंगों के मास्टर माइंड कहे जाने वाले ताहिर हुसैन के दिन अब ख़त्म होने वाले हैं. ऐसे में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य आरोपियों के लिए दिल्ली की एक अदालत का फैसला झटका साबित हुआ है . कोर्ट ने उन सभी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं .
बता दें दिल्ली की एक अदालत ने ताहिर हुसैन और अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय कर दिया है. सुनवाई के बाद अदालत ने ये बात मानी है कि ताहिर हुसैन का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं को नुकसान पहुंचाना था.
अदालत का ये भी कहना है कि अजय गोस्वामी से संबंधित मामले में भारतीय दंड संहिता यानि IPC की धारा 505, 307, 120बी और 149 के तहत ताहिर हुसैन, शाह आलम, नाजिम, कासिम, रियासत और लियाकत पर मुकदमा चलाया जायेगा.
मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ताहिर हुसैन, शाह आलम, नाजिम, कासिम, रियासत और लियाकत दूसरों को हिंदुओं को सबक सिखाने के लिए उकसा रहे थे. अदालत ने ये सुनवाई दिल्ली में ईडी द्वारा दर्ज किये गए मामले को लेकर की थी.
एक बार फिर आपको याद दिला दें 24 फरवरी, 2020 की वो तरीख जब नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़के थे. इसमें कम से कम 53 लोग मारे गए थे और करीब 700 लोग घायल हुए थे. मरने वालों में एक IB अफसर भी शामिल था .

