रायपुर: स्टेट जीएसटी विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। विभाग के अनुसार, आरोपी ने 53 करोड़ रुपये की कथित फर्जी बिलिंग कर 9.54 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दो फर्मों के जरिए संचालित किया गया कथित नेटवर्क
जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव कथित रूप से मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज के नाम से दो फर्मों का संचालन कर रहा था। आरोप है कि इन फर्मों के माध्यम से फर्जी लेन-देन दर्शाकर करीब 53 करोड़ रुपये के बिल जारी किए गए और 9.54 करोड़ रुपये का बोगस ITC विभिन्न फर्मों को ट्रांसफर किया गया।
खुद भी लिया फर्जी ITC का लाभ
स्टेट जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने अन्य फर्मों को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वयं भी इतनी ही राशि का बोगस ITC क्लेम किया। जांच में सामने आया कि वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के बिना केवल दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन दिखाकर टैक्स लाभ हासिल किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।
जांच में सामने आईं कई गड़बड़ियां
प्राथमिक जांच में विभाग को कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं, जिनमें शामिल हैं—
रद्द जीएसटी पंजीयन वाली और आपस में संबंधित 10 फर्मों के माध्यम से ITC-02 के जरिए करीब 6.13 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा।
पंजाब समेत अन्य राज्यों की 9 फर्मों से लगभग 1.99 करोड़ रुपये के फर्जी ITC का दावा, जबकि जांच में इन फर्मों से किसी वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं मिली।
GSTR-2B और GSTR-3B के बीच अंतर दिखाकर बिना वास्तविक खरीद के करीब 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
स्टेट जीएसटी विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई फर्जी बिलिंग और बोगस ITC के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

