रायपुर: छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से थमा मानसूनी सिलसिला एक बार फिर जोर पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी तीन दिनों के भीतर प्रदेश के मौसम मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 8 सितंबर से उत्तरी छत्तीसगढ़ से वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिसका प्रभाव धीरे-धीरे मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों तक पहुंचेगा। इस दौरान अनेक स्थानों पर वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम तथा कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी चरणबद्ध चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए जिलावार वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है:
8 सितंबर: सरगुजा और बलरामपुर जिलों में मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए वज्रपात की आशंका जताई है।
9 सितंबर: वर्षा का दायरा विस्तृत होकर सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, बिलासपुर, कोरबा और बलौदाबाजार तक पहुंचेगा। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं।
10 सितंबर: प्रदेश के 16 जिलों में व्यापक वर्षा का अलर्ट रहेगा। सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB), बलरामपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, बलौदाबाजार, रायपुर, बेमेतरा, दुर्ग और महासमुंद में मूसलाधार बारिश हो सकती है।
11 व 12 सितंबर: प्रदेश के अधिकांश अंचलों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। आगामी पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।
कृषि क्षेत्र और फसलों पर प्रभाव
वर्तमान में प्रदेश में औसत मानसूनी वर्षा सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 8 से 10 सितंबर के मध्य होने वाली यह वर्षा कम नमी वाले खेतों में धान सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। हालांकि, लगातार तेज बारिश की स्थिति में निचले खेतों में जलजमाव की आशंका को देखते हुए किसानों को जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।

