रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का 42वां स्थापना दिवस आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बेहद भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए रायपुर को चुने जाने से पूरे राज्य में गौरव का माहौल है। इस भव्य समारोह का आयोजन शहर के रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में किया जा रहा है, जहाँ सुबह से ही सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
आरपीएफ की अनुशासन और कार्यकुशलता का प्रदर्शन
इस राष्ट्रीय समारोह में रेलवे सुरक्षा बल के अनुशासन, अदम्य साहस और उत्कृष्ट कार्यकुशलता का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य और आकर्षक परेड के साथ होगी, जिसमें आरपीएफ की विभिन्न टुकड़ियां एक साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च करेंगी। इस परेड में महिला सुरक्षा कर्मियों का विशेष दस्ता मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके अलावा, विशेष कमांडो टीम कोरास (CORAS), डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता भी अपनी असाधारण क्षमताओं और कौशल का सजीव प्रदर्शन करेंगे, जिन्हें देखकर उपस्थित सभी लोग बल की ताकत और मुस्तैदी का अनुभव करेंगे।
महानिदेशक सोनाली मिश्रा करेंगी शिरकत
इस ऐतिहासिक समारोह में आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। उनके साथ रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के उच्चाधिकारी तथा छत्तीसगढ़ शासन के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। महानिदेशक महोदया परेड की सलामी लेंगी और इस अवसर पर उपस्थित जवानों तथा अधिकारियों को संबोधित करेंगी।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जवानों का सम्मान
स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर अपनी उत्कृष्ट, साहसिक और सराहनीय सेवाओं का परिचय देने वाले आरपीएफ के चुनिंदा अधिकारियों और जवानों को प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष कुल 3 अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक और 30 अधिकारियों व जवानों को पुलिस पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम का एक सबसे खास आकर्षण वर्ष 2024 में अपने प्राणों की परवाह किए बिना एक रेल यात्री कीमती जान बचाने वाले आरपीएफ के जांबाज जवान को दिया जाने वाला 'जीवन रक्षा पदक' होगा, जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्री की रक्षा की थी।

