कोसा हत्याकांड पर पुलिस का बड़ा कदम, SIT गठन के साथ खुलेगा पुलिस आउटपोस्ट

जांजगीर-चांपा में दो माह पुराने अमित भंडारी हत्याकांड की जांच तेज: एसपी ने बनाई एएसपी नेतृत्व वाली एसआईटी, गांव में बनेगी आउटपोस्ट

जांजगीर-चांपा: मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोसा में लगभग दो माह पूर्व घटित अमित कुमार भंडारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने हेतु पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। लंबे समय से आरोपियों की सुरागकशी न होने पर पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने जांच प्रक्रिया को नया मोड़ देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह एसआईटी अब गांव में ही प्रवास कर हत्याकांड की गहन पड़ताल करेगी। इसके साथ ही गांव में तत्काल प्रभाव से एक पुलिस आउटपोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो दिन से लापता युवक का तालाब किनारे मिला था शव

मामले का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि ग्राम कोसा निवासी अमित कुमार भंडारी 27 जून को अचानक अपने घर से लापता हो गया था। परिजनों व ग्रामीणों द्वारा की जा रही खोजबीन के दौरान 29 जून को उसका शव स्थानीय तालाब के समीप बरामद हुआ। सूचना मिलते ही मुलमुला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि होने के उपरांत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या का मामला पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।

घटनास्थल का मुआयना कर एसपी ने बनाई विशेष टीम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने 3 सितंबर को स्वयं घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात उन्होंने विवेचना में तेजी लाने हेतु एसआईटी गठन के आदेश जारी किए।

एएसपी डॉ. यूलैण्डन यार्क के नेतृत्व में गठित इस विशेष टीम में एसडीओपी अकलतरा डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह, मुलमुला थाना प्रभारी शिवानंद सिंह, साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा समेत कई अनुभवी पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है।

गांव में रहकर वेश बदलकर होगी जांच, री-क्रिएशन की तैयारी

जांच की नई रणनीति के तहत एसआईटी के सदस्य ग्राम कोसा में स्थापित होने वाली नई आउटपोस्ट में रहकर ही प्रत्येक पहलू को खंगालेंगे। पुलिस टीम द्वारा निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • स्थानीय पूछताछ व वेशभूषा परिवर्तन: बिना किसी दबाव के सटीक जानकारी जुटाने हेतु पुलिसकर्मी वेश बदलकर भी ग्रामीणों और संदिग्धों से संवाद करेंगे।

  • घटना का री-क्रिएशन व फॉरेंसिक समीक्षा: आवश्यकता पड़ने पर घटनास्थल का पुनः री-क्रिएशन कराया जाएगा तथा पुरानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक साक्ष्यों का पुनः विश्लेषण होगा।

  • स्निफर डॉग के सुरागों की समीक्षा: घटना के दिन स्निफर डॉग द्वारा दिए गए सुराग (एक युवती के मकान के बाहर रुकना) की कड़ियों को नए सिरे से जोड़ा जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि तकनीक, पुरानी साक्ष्य रिपोर्ट और स्थानीय इनपुट को मिलाकर इस अंधे कत्ल की कड़ियों को जल्द सुलझाया जाएगा और दोषियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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