कोंडागांव| छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में बिजली विभाग द्वारा सरकारी महकमों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। जिले के कुल 39 शासकीय कार्यालयों पर बिजली विभाग का करीब 16 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बकाया चल रहा है। इसमें अकेले नगर पालिका कोंडागांव पर ही 7 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित है। लंबे समय से बकाये का भुगतान न किए जाने पर बिजली विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए इन सभी 39 सरकारी दफ्तरों और संस्थानों के स्मार्ट मीटर से ऑनलाइन बिजली कनेक्शन काट दिए हैं।
प्रदेशभर में अरबों रुपये का बकाया और सख्ती
बिजली विभाग द्वारा जारी जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों के 1.57 लाख से अधिक बिजली कनेक्शनों पर कुल 3035.37 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है। बकाये की इस राशि की वसूली के लिए अब पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई का दौर शुरू कर दिया है।
कार्रवाई की जद में आए प्रमुख विभाग
बिजली विभाग की इस कार्रवाई के दायरे में जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग, परिवहन विभाग, कृषि विभाग, न्यायालय, लोक निर्माण विभाग (PWD), शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग समेत कई अन्य महत्वपूर्ण शासकीय संस्थान शामिल हैं। हालांकि, आम जनता को राहत देते हुए नगर पालिका के पानी सप्लाई से जुड़े पंप हाउस और स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन फिलहाल चालू रखे गए हैं। लेकिन विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाये का भुगतान नहीं किया गया, तो इन पर भी बिजली काटने की गाज गिर सकती है।
कई बार दिए जा चुके थे नोटिस
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए कनिष्ठ अभियंता विजेंद्र कुमार ने बताया कि इन शासकीय विभागों पर लंबे समय से बिजली बिल की बड़ी राशि बकाया थी। संबंधित विभागों को पूर्व में कई बार पत्राचार और नोटिस के माध्यम से समय पर बकाया राशि जमा करने का आग्रह किया गया था, लेकिन इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इसी उदासीनता के चलते नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए 39 सरकारी कार्यालयों की बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ी।
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही संबंधित विभागों द्वारा बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा, नियमानुसार उनके कनेक्शन तुरंत बहाल कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करें ताकि उन्हें इस तरह की असुविधाओं का सामना न करना पड़े।

