बालिकाओं के सपनों को मिला नया संबल

रायपुर : ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बालिकाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में मुंगेली जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी-राम जी) के अंतर्गत मुंगेली जिले के 90 शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण के लिए कुल 03 करोड़ 87 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक विद्यालय के लिए 4.30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह पहल केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण बालिकाओं के आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा को नई दिशा देने वाला एक सशक्त कदम है।

मुंगेली जिले के अनेक ग्रामीण विद्यालयों में बालिका शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके कारण किशोरावस्था की छात्राओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई छात्राएं असुविधा के कारण विद्यालय आने से बचती थी, अभिभावक भी अपनी बेटियों की सुरक्षा और गरिमा को लेकर चिंतित रहते थे। ऐसे में विद्यालयों में सुरक्षित एवं स्वच्छ शौचालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

योजना बनी बदलाव की मजबूत नींव

    जिले के 90 विद्यालयों का चयन किया गया जहां बालिका शौचालय उपलब्ध नहीं था। चयन के बाद प्रत्येक विद्यालय के लिए 4.30 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 03 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि से निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। निर्माण कार्यों का क्रियान्वयन ग्राम पंचायतों एवं संबंधित एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करते हुए एवं समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

इन शौचालयों के निर्माण के बाद छात्राओं को विद्यालय परिसर में ही सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, पढ़ाई में निरंतरता आएगी तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी समस्याओं में कमी आएगी।  

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना भी है। निर्माण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिलेगा तथा उनकी मजदूरी सीधे बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

     कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि विद्यालयों में बालिका शौचालय का निर्माण केवल एक आधारभूत सुविधा नहीं, बल्कि बालिकाओं की गरिमा, सुरक्षा और शिक्षा के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं, ताकि छात्राओं को शीघ्र इसका लाभ मिल सके।

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