कबीरधाम| कबीरधाम जिले के अंतर्गत आने वाले तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में एक सराफा कारोबारी के साथ घटित सनसनीखेज डकैती के मामले का पुलिस ने त्वरित एवं सफल खुलासा करते हुए कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की विभिन्न विशेष टीमों ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग ग्यारह किलोग्राम नौ सौ ग्राम चांदी के आभूषण, एक किलोग्राम एक सौ चौबीस ग्राम गली हुई चांदी, नगद राशि और दो मोटरसाइकिल समेत कई अन्य संदिग्ध सामग्रियां बरामद की हैं। लूटे गए आभूषणों और इस वारदात में संलिप्त अन्य संदिग्धों की तलाश में पुलिस का एक दल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से होते हुए झारखंड के जमशेदपुर तक सक्रिय रहा और अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया।
रास्ते में घेरकर की गई थी लूटपाट और मारपीट
यह गंभीर आपराधिक घटना गत 27 अक्टूबर की है, जब ग्राम दुर्जनपुर में स्थित मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया था। पीड़ित सराफा व्यवसायी वेदप्रकाश सोनी जब अपने कार्य से जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें घेरकर रोक लिया। हमलावरों ने व्यवसायी के साथ लाठी-डंडों तथा हाथ-मुक्कों से जमकर मारपीट की और उनके पास मौजूद बैग को छीन लिया, जिसमें नए व पुराने चांदी के आभूषण, लगभग 15 ग्राम सोना और नगदी रखी हुई थी। वारदात को अंजाम देने के पश्चात आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे एक सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की।
बिलासपुर और जमशेदपुर तक फैली दबिश और गिरफ्तारियां
पुलिस ने मामले में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए गत 31 अक्टूबर को निखिल कुर्रे, संजय स्रोत और सचिन पात्रे नामक आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से लगभग 11 किलोग्राम 900 ग्राम चांदी के जेवर, एक मोटरसाइकिल और पंद्रह सौ रुपये नगद बरामद हुए। इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बिलासपुर में दबिश देकर अरुण उर्फ अन्नू बंजारे और प्रेम उर्फ प्रीतम को भी दबोच लिया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने लूटे गए जेवरों का एक हिस्सा बेचकर एक लाख दो हजार रुपये प्राप्त किए थे, जिनमें से पुलिस ने चौरासी हजार रुपये नगद बरामद कर लिए।
जांच के दौरान जब यह तथ्य सामने आया कि लूटे गए जेवर झारखंड के जमशेदपुर में बेचे गए हैं, तब पुलिस टीम आरोपी प्रेम उर्फ प्रीतम को लेकर जमशेदपुर पहुँची। वहाँ स्थानीय पुलिस के सहयोग से सुमंतो घोड़ाई उर्फ कोबो और सुरेश नाना माने को हिरासत में लिया गया। मुख्य आरोपी सुमंतो घोड़ाई ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने लूटे गए आभूषण (करधन और पायल) खरीदे थे और उन्हें सुरेश नाना माने के माध्यम से गलवा दिया था। जेवरों को गलाने से प्राप्त एक किलोग्राम एक सौ चौबीस ग्राम चांदी को उन्होंने आगे बेच दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर संपूर्ण गली हुई चांदी बरामद कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर कबीरधाम ले आई, जहाँ आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

