मुंबई। देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में कॉरपोरेट गवर्नेंस और आंतरिक पारदर्शिता से जुड़ा एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बैंक द्वारा की गई एक उच्च-स्तरीय आंतरिक जांच में इस बात के पुख्ता सुराग मिले हैं कि संस्थान के भीतर कार्यरत दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बैंक की अत्यंत गोपनीय व्यावसायिक रणनीतियों और बाजार को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाली संवेदनशील जानकारियों को बाहरी लोगों के साथ साझा किया है। हालांकि, आंतरिक गोपनीयता और जांच की प्रक्रिया का हवाला देते हुए फिलहाल आरोपी अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। बैंक के शीर्ष नेतृत्व को जब अंदरूनी मामलों और रणनीतिक सूचनाओं के लीक होने की आशंका हुई, तो एक गुप्त आंतरिक जांच शुरू की गई, जिसके परिणाम सामने आने के बाद यह बड़ा खुलासा हुआ है।
वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता और शेयरों पर असर
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन दो वरिष्ठ अधिकारियों पर आंतरिक सूचनाएं लीक करने का संदेह जताया गया है, वे बैंक के भीतर बेहद अहम व्यावसायिक और प्रशासनिक कार्यों की कमान संभाल रहे थे। बैंक की यह आंतरिक जांच अभी भी पूरी तरह जारी है, जिसमें यह गहराई से खंगाला जा रहा है कि लीक की गई इस गोपनीय डेटा और रणनीतियों का बाजार में किस हद तक दुरुपयोग किया गया है। इस सनसनीखेज खबर के सार्वजनिक होने के बाद निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है, जिसके चलते बुधवार को एचडीएफसी बैंक का शेयर 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 706.40 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। जानकारों का मानना है कि इसका नकारात्मक असर आगामी कारोबारी सत्रों पर भी देखने को मिल सकता है, जबकि इस वर्ष अब तक बैंक के शेयरों में लगभग 28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आ चुकी है।
नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनूप बागची के समक्ष गंभीर चुनौतियां
एचडीएफसी बैंक के लिए यह पूरा घटनाक्रम ऐसे बेहद संवेदनशील समय में सामने आया है, जब बैंक पहले से ही कई बड़े संगठनात्मक बदलावों और नेतृत्व के दौर से गुजर रहा है। बैंक के मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिकांत जगदीशन ने अपना दूसरा कार्यकाल न लेने का निर्णय लिया है और वे अपने छह साल का सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ने जा रहे हैं। ऐसे में अनूप बागची आगामी 27 अक्टूबर को एचडीएफसी बैंक के नए सीईओ के रूप में कार्यभार संभालने वाले हैं, और यह कॉरपोरेट गवर्नेंस विवाद उनके कार्यकाल की शुरुआत में ही सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इसके अतिरिक्त, बैंक के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में शुमार डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने भी दिसंबर के अंत तक अपना पद छोड़ने की इच्छा जताई है, जिससे शीर्ष स्तर पर बदलाव का दौर चल रहा है।
बैंक की आंतरिक समीक्षा और भविष्य की कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बैंक के आधिकारिक प्रवक्ता ने ईमेल के माध्यम से जारी अपने बयान में स्पष्ट किया है कि बैंक की सख्त नीतियों और कॉरपोरेट आचार संहिता के अनुरूप सभी प्रासंगिक तथ्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए आंतरिक समीक्षा तेजी से चल रही है। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ बेहद कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैंक ने यह भी दोहराया है कि वह अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में नैतिकता, पारदर्शिता और गवर्नेंस के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि निवेशकों और ग्राहकों का भरोसा बरकरार रहे।

