Tesla in India: Tesla ने भारत जाने वाली इलेक्ट्रिक कारों के उत्पादन को अपने गीगा बर्लिन प्लांट में शुरू कर दिया है. इलेक्ट्रिक कार निर्माता Tesla Company ने अपनी जर्मनी स्थित फैक्ट्री में भारत को निर्यात की जाने वाली कारों का उत्पादन शुरू कर दिया है. राइट हैंड ड्राइव वाली इन कारों का निर्यात इस साल के अंत से भारत में किया जाएगा. लेकिन अभी यह पता नहीं लगा है कि टेस्ला किस मॉडल की निर्यात भारत में करेगी. अभी कंपनी अपने बर्लिन स्थित प्लांट में सिर्फ वाई मॉडल का निर्माण करती है.

टेस्ला तीन अरब डॉलर का प्लांट में करेगी निवेश
कंपनी की योजनाओ से अवगत लोगो ने बताया कि कम संख्या में उत्पादित इन इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय वातावरण में परीक्षण प्रोटोटाइप के रूप में प्रयोग किया जाएगा. बता दें कि टेस्ला अप्रैल के तीसरे हफ्ते में भारत में एक टीम भेजेगी ताकि भारत में मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए के जगह तलाश कर सकें. टेस्ला लगभग तीन अरब डॉलर के निवेश के साथ भारत में प्लांट लगाने की योजना बना रही है. नई नीति के तहत कंपनी कम आयत शुल्क पर 8 हज़ार कारों का आयत करेगी.
आपको बता दें की, कंपनी ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जन इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग कम हो गई है. अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाज़ारो में कंपनी को ज्यादा कम्पटीशन का सामना करना पड़ रहा है. मांग में कमी की वजह से पहले तिमाही में कंपनी की बिक्री में गिरावट देखी गई. भारत ने पिछले महीने ऐसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक कारों पर आयत शुल्क कम कर दिया था, जो कम से कम देश में 50 करोड़ डॉलर का निवेश करें तीन साल के अंदर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हों. Tesla के मालिक एलन मस्क सालों से भारतीय बाजार में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे है, लेकिन सरकार उन्हें स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रतिबद्धता चाहती है.
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पिछले साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की यात्रा पर गए थे तो उनसे मस्क से मुलाकात की थी. कंपनी ने पिछले साल जुलाई में कहा था कि वह 24,000 डॉलर की कीमत वाली EV का उत्पादन करने के लिए भारत में एक कारखाना बनाने की रूचि को जाहिर किया था.

