भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत जबरदस्त तेजी और शानदार उछाल के साथ हुई। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद वैश्विक बाजारों में बने सकारात्मक माहौल ने घरेलू शेयर बाजार को जबरदस्त मजबूती दी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और इसके दो महीने के निचले स्तर पर पहुँचने से निवेशकों का उत्साह दोगुना हो गया, जिसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला।
सेंसेक्स और निफ्टी में बंपर बढ़त के साथ शुरुआत
कारोबारी सत्र के आरंभ में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 1,403.71 अंकों की जोरदार छलांग लगाते हुए 78,689.87 के स्तर पर पहुँच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 378.85 अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए 24,340.40 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इसके अतिरिक्त, एनएसई आईएक्स पर जीआईएफटी निफ्टी 377 अंक यानी 1.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,327 के स्तर पर बना हुआ था, जिसने बाजार की मजबूत गैप-अप ओपनिंग का स्पष्ट संकेत दिया। इस कारोबारी तेजी के बीच भारतीय मुद्रा रुपया भी अमेरिकी डॉलर की तुलना में 14 पैसे मजबूत होकर 94.32 के स्तर पर पहुँच गया।
अमेरिकी चुनाव परिणामों का वैश्विक बाजार पर सकारात्मक प्रभाव
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली बड़ी विजय के पश्चात अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में जबरदस्त तेजी की लहर देखी गई। वैश्विक निवेशकों के बीच यह उम्मीद मजबूत हुई है कि ईरान के साथ जारी भू-राजनीतिक तनाव जल्द समाप्त हो सकता है। इस आशावादी रुख के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की वैश्विक दरों में तेज गिरावट दर्ज की गई और इसके दाम पिछले दो महीनों के सबसे निचले पायदान पर आ गए, जिसका सीधा लाभ भारतीय जैसे तेल आयातक देशों के बाजारों को मिला।
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में मजबूती का रुख
अमेरिका के साथ-साथ समूचे एशियाई शेयर बाजारों में भी गुरुवार को मजबूत बढ़त का माहौल बना रहा। जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में आई वृद्धि के कारण एमएससीआई एशिया प्रशांत सूचकांक 0.3 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। दूसरी ओर, अमेरिका के एसएंडपी 500 सूचकांक में 1.6 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कि बीते तीन महीनों में इसकी एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इसी क्रम में तकनीकी कंपनियों के प्रभुत्व वाला नास्डैक 100 सूचकांक भी 0.9 प्रतिशत की मजबूती हासिल करने में सफल रहा।

