चांदी के दाम में आई नरमी, खरीदारी से पहले देखें अपने शहर का नया भाव

नई दिल्ली। पिछले सत्र में रिकॉर्ड तेजी दर्ज करने के बाद आज गुरुवार 23 जुलाई को सर्राफा बाजार और वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में मुनाफावसूली का असर देखने को मिल रहा है। दिल्ली सर्राफा बाजार में करों सहित चांदी का मूल्य बढ़कर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। वहीं घरेलू वायदा बाजार यानी एमसीएक्स (MCX) पर कारोबार की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई। सुबह के कारोबार में सितंबर वायदा का भाव 0.23 प्रतिशत की नरमी के साथ ₹2,26,474 प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।

विभिन्न संस्थानों के आंकड़ों में दिखा अंतर

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार गुरुवार सुबह चांदी की दर 2,25,460 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं दूसरी तरफ गुडरिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार यह भाव 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा पहुंचा है। कीमतों में दिख रहे इस अंतर को देखते हुए यदि आप आभूषण खरीदने या कीमती धातुओं में नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पूर्व अपने स्थानीय बाजार के ताजा रेट अवश्य जांच लें।

देश के अलग-अलग महानगरों में चांदी के रेट

देशभर के अधिकांश प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, लखनऊ और जयपुर में एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,40,000 रुपये दर्ज की गई है। इन शहरों में 10 ग्राम चांदी 2,400 रुपये और 100 ग्राम 24,000 रुपये में मिल रही है। वहीं चेन्नई, हैदराबाद और भुवनेश्वर में चांदी का भाव थोड़ा अधिक रहकर 2,45,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है, जहां 10 ग्राम का दाम 2,450 रुपये है। वडोदरा और पुणे जैसे शहरों में प्रति किलोग्राम भाव 2,40,000 रुपये के आसपास बना हुआ है।

वैश्विक हलचल का घरेलू वायदा कारोबार पर प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आए उछाल के चलते बीते दिन बुधवार को वायदा बाजार में चांदी जोरदार तेजी के साथ बंद हुई थी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सितंबर डिलीवरी वाले अनुबंधों में 2,478 रुपये यानी 1.11 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी, जिससे भाव 2,26,257 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वैश्विक मोर्चे पर न्यूयॉर्क में चांदी 1.34 प्रतिशत चढ़कर 59.58 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई थी।

वैश्विक फैसलों और संकेतों पर टिकी निवेशकों की नजर

वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के बीच दुनिया भर के निवेशकों की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हुई हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि फेडरल रिजर्व 29 जुलाई की बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। हालांकि, आर्थिक संकेतों को देखते हुए चालू वर्ष के दौरान दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं लगातार मजबूत बनी हुई हैं।

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