ITR की डेडलाइन छूटी तो घबराएं नहीं, अब भी रिटर्न भरने का है मौका

नई दिल्ली: नए महीने के आगमन के साथ ही देश भर में वित्तीय मोर्चे पर कई नए प्रावधान प्रभावी हो चुके हैं। करदाताओं के लिए यह समयावधि अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रियाओं और उनसे जुड़ी समयसीमा में बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

निर्धारित समय के बाद कर विवरणी जमा करने पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क

जिन नागरिकों ने तय समयसीमा के भीतर अपने कर रिटर्न नहीं दाखिल किए हैं, वे वर्ष के अंत तक अपनी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। हालांकि इस देरी के कारण उन्हें अतिरिक्त जुर्माना राशि के साथ-साथ बकाया कर पर ब्याज का भुगतान भी करना होगा।

आय के विभिन्न स्लैब के अनुसार तय किया गया है विलंब शुल्क करदाताओं की वार्षिक आय के आधार पर विलंबित रिटर्न भरने के लिए दंड का निर्धारण किया गया है। अधिक आय वाले नागरिकों के लिए जुर्माने का प्रावधान रखा गया है, जबकि कम आय वाले वर्ग के लिए इसमें कुछ राहत दी गई है।

कुछ विशिष्ट श्रेणियों के करदाताओं के लिए अगस्त के अंत तक का अवसर

स्वयं रोजगार करने वाले पेशेवरों, स्वतंत्र कामगारों और छोटे व्यापारियों के लिए अपने कर विवरण जमा करने की समयसीमा अगले कुछ हफ्तों तक खुली हुई है। ये लोग निर्धारित तिथि तक बिना किसी अतिरिक्त दंड के अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हैं सबकी निगाहें

इस माह देश के शीर्ष वित्तीय संस्थान की मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक आयोजित होने वाली है, जिसके निर्णयों से ऋण बाजार प्रभावित हो सकता है। इस बैठक में लिए जाने वाले नीतिगत फैसलों का सीधा असर आम जनता के विभिन्न प्रकार के ऋणों और मासिक किस्तों पर पड़ सकता है।

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