Friday, January 16, 2026

Mahakumbh: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर त्रिवेणी संगम जल गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट को जनता से छिपाने का आरोप लगाया

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ Mahakumbh के दौरान बड़ी संख्या में लोग डुबकी लगाने और उससे पैदा हो रहे प्रदूषण को लेकर खबरों के बीच अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जनता से सच छुपाने का आरोप लगाया है. अखिलेश यादव का ये बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के त्रिवेणी संगम के जल में मल प्रदूषण की चिंताओं को खारिज करने के एक दिन बाद आया.

‘प्रदूषित पानी’ के समाचार को फैलने से रोकने के लिए मीडिया पर नियंत्रण है-अखिलेश यादव

यादव ने अपने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में में कहा, “केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को जब बताया तब ये समाचार प्रकाश में आया कि प्रयागराज में गंगा जी का ‘जल मल संक्रमित’ है. लखनऊ में सदन के पटल पर इस रिपोर्ट को झूठ साबित करते हुए कहा गया कि सब कुछ ‘नियंत्रण’ में है. दरअसल लखनऊवालों का मतलब था ‘प्रदूषित पानी’ के समाचार को फैलने से रोकने के लिए मीडिया पर नियंत्रण है. जनता पूछ रही है कि ‘न्यायालय की अवमानना’ की तरह किसी पर ‘सरकारी बोर्ड या प्राधिकरण की अवमानना’ का मुक़दमा हो सकता है क्या? यूपीवाले पूछ रहे हैं : दिल्ली-लखनऊ के बीच ये चल क्या रहा है?”
अखिलेश ने इसके साथ ही एक समाचार चैनल की क्लीप भी पोस्ट की.

सीएम योगी ने Mahakumbh में ‘प्रदूषित पानी’ को लेकर क्या कहा

बुधवार को राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “त्रिवेणी नदी के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं… संगम और उसके आसपास के सभी पाइपों और नालों को टेप कर दिया गया है और पानी को शुद्ध करने के बाद ही छोड़ा जा रहा है.” सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) नियमित रूप से संगम के पानी की गुणवत्ता का आकलन कर रहा है.
उन्होंने कहा, “आज की रिपोर्ट के अनुसार संगम के पास बीओडी की मात्रा 3 से कम है और घुलित ऑक्सीजन 8-9 के आसपास है. इसका मतलब है कि संगम का पानी न केवल स्नान के लिए बल्कि ‘आचमन’ के लिए भी उपयुक्त है.”

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