चुनाव से पहले योगी चलायेंगे ब्रह्मास्त्र,50 हजार में महिलाएं को साधने की तैयारी !

UP Women Scheme 2026 लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता योजना लाने की चर्चा तेज हो गई है. प्रस्तावित योजना के तहत पात्र महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा सकती है. संभावित प्रारूप के मुताबिक, चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त और  चुनाव के बाद (अगर जीते तो )10-10 हजार रुपये की तीन किस्तें दिए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.

हालांकि, अभी इस योजना को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा और पात्रता की शर्तें सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितनी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और भुगतान कब से शुरू होगा.

UP Women Scheme 2026 कैसे करेगी काम ?

प्रस्तावित योजना में सबसे अहम बात चुनाव से पहले पहली किस्त जारी करने की चर्चा है. संभावित योजना के अनुसार, पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 20 हजार रुपये की पहली किस्त भेजी जा सकती है. इसके बाद अगर भाजपा की सरकार बनती है तो 10-10 हजार रुपये की तीन और किस्तें देने का प्रस्ताव बताया जा रहा है.

इस तरह लाभार्थी महिला को कुल 50 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है. चरणबद्ध भुगतान का उद्देश्य महिलाओं को तत्काल आर्थिक मदद देने के साथ उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना हो सकता है.

किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ?

फिलहाल योजना की अंतिम पात्रता तय नहीं हुई है. प्रस्तावित प्रारूप में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है. चर्चा के मुताबिक इसमें SC, ST, BPL और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकता है.

 12 लाख तक सालाना कमाने वाली महिलाओं को भी किया जा सकता है शामिल

इसके अलावा ऐसे परिवारों की महिलाओं को भी दायरे में लाने पर विचार हो सकता है, जिनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक है. हालांकि, आय सीमा और सामाजिक श्रेणी समेत सभी पात्रता शर्तों पर अंतिम निर्णय सरकार की ओर से लिया जाएगा.लाभार्थियों की संख्या और पात्रता का अंतिम निर्धारण आधिकारिक आदेश के बाद ही होगा.

महिला कल्याण विभाग की हो सकती है अहम भूमिका

योजना को तैयार करने और लागू करने में महिला कल्याण विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. प्रस्ताव का उद्देश्य केवल सीधे आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को छोटे कारोबार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना भी बताया जा रहा है.

सरकार पहले से ही महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ रही है. ऐसे में नई योजना को मौजूदा महिला स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार व्यवस्था से जोड़ने की संभावना भी देखी जा सकती है.

यूपी में 98.76 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों पर लगातार जोर दिया जा रहा है. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आमतौर पर करीब 10 महिलाओं के समूह बनाए जाते हैं और उन्हें अलग-अलग स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा जाता है.

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में करीब 98.76 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं. ऐसे में प्रस्तावित आर्थिक सहायता योजना को इन समूहों और महिला उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया जा सकता है.

दूसरे राज्यों की महिला योजनाओं का भी उदाहरण

उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित योजना को देश के दूसरे राज्यों में चल रही महिला केंद्रित आर्थिक सहायता योजनाओं के संदर्भ में भी देखा जा रहा है. बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना, महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना और हरियाणा की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना जैसे उदाहरणों में महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता देने का मॉडल अपनाया गया है.

इसी पृष्ठभूमि में यूपी में भी महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता वाली योजना की चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

2027 चुनाव से पहले महिला वोटरों पर फोकस

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं. ऐसे में महिला मतदाताओं का महत्व राजनीतिक दलों के लिए लगातार बढ़ा है. भाजपा सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा, कल्याण, स्वयं सहायता समूहों और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं पर पहले से जोर दिया जाता रहा है.

प्रस्तावित 50 हजार रुपये तक की सहायता वाली योजना को भी इसी व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, इसे लेकर किए जा रहे राजनीतिक आकलन की पुष्टि तभी होगी, जब योजना का अंतिम स्वरूप और सरकारी घोषणा सामने आएगी.

क्या हर महिला को मिलेंगे 50 हजार रुपये?

नहीं, फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी. अभी 50 हजार रुपये तक की कुल सहायता का प्रस्ताव चर्चा में बताया जा रहा है. इसका मतलब यह नहीं है कि प्रदेश की हर महिला को सीधे 50 हजार रुपये मिलेंगे.

लाभार्थियों की संख्या, आय सीमा, सामाजिक श्रेणी, परिवार की आर्थिक स्थिति और अन्य शर्तें सरकार तय करेगी। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित योजना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.

सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह साफ होगा कि योजना में कौन-कौन पात्र होगा, पहली किस्त कितनी होगी और भुगतान किस तारीख से शुरू किया जाएगा.

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