Tuesday, March 3, 2026

Bharat Vs India: इंडिया पर भड़की मायावती, राजभर ने कहा कांग्रेस लाई थी भारत नाम रखने का प्रस्ताव

भारत बनाम इंडिया बहस में जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष एक दूसरे पर कटाक्ष करने से बाज़ नहीं आ रहे है वहीं खुद को पक्ष निरपेक्ष बनाने वाली पार्टियां इंडिया गठबंधन को इस विवाद के लिए जिम्मेदार बता रह है. खासकर यूपी की राजनीति में खुद को एनडीए और इंडिया दोनों से दूर बताने वाली बीएसपी ने तो इस विवाद के लिए इंडिया को ही जिम्मेदार करार दे दिया है.

विपक्ष ने दिया बीजेपी को संविधान के साथ छेड़छाड़ का मौका-मायावती

बीएसपी प्रमुख मायावती ने इंडिया बनाम भारत विवाद पर अपनी राय रखते हुए कहा कि, “देश के नाम को लेकर अपने संविधान के साथ छेड़छाड़ करने का मौका भाजपा के NDA को खुद विपक्ष ने एक सोची समझी रणनीती के तहत अपने गठबंधन का नाम INDIA रखकर दिया है. यह भी कहा जा सकता है कि यह सब सत्ता और विपक्ष अंदरूनी रूप से मिलकर कर रहे हैं. इसकी भी आशंका है.”

बीएसपी ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति

बीएसपी प्रमुख मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जारी विज्ञप्ति में बीएसपी ने 5 मुख्य बाते कहीं.
“1-भारत अर्थात्‌ इण्डिया देश का चिर-परिचित व गरिमा-मय संवैधानिक नाम है तथा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के इस पवित्र, मानवतावादी व
जनकल्याणकारी संविधान से अपने देश के सभी जाति एवं धर्मों के मानने वाले लोगों का अपार प्रेम, बेहद लगाव एवं सम्मान है जिसे बदलकर व छेड़छाड़ आदि करके इनकी भावना के साथ कोई भी खिलवाड़ करना न उचित और न ही न्यायसंगत.

2- देश के नाम को लेकर संविधान के साथ छेड़छाड़ करने का मौका बीजेपी के एनडीए को यहाँ खुद विपक्ष ने एक सोची-समझी रणनीति व षड़यन्त्र के तहत्‌ अपने गठबन्धन का नाम “इण्डिया’ रखकर इनको दिया है. इस प्रकार यह सब कुछ सत्तापक्ष व विपक्ष की अन्दरुनी मिलीभगत का परिणाम तो कहीं नहीं ?

3- कांग्रेस व बीजेपी द्वारा चुनाव पूर्व इनकी इस राजनीति को अर्थात्‌ भारत बनाम इण्डिया बनाने के इनके इस घिनौने खेल को लोग समझ रहे हैं, जिसकी वजह से अब इन्होंने यहाँ गरीबी, मंहगाई बेरोजगारी व विकास आदि के ये खास व अत्यन्त जरूरी मुद्दे दरकिनार कर दिये हैं. इसीलिए बी.एस.पी. का इन दोनों जातिवादी, साम्प्रदायिक व पूँजीवादी गठबन्धनों से दूरी बनाये रखना पूरे तौर से सही व जनहितेषी भी.

(4) वैसे तो ‘इण्डिया’ नाम को लेकर, बीजेपी व इनके एनडीए को तथा इनकी केन्द्र की सरकार को इसके विरुध माननीय सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिये था, या फिर, इस मामले में कानून बनाकर सम्बन्धित नाम रखे जाने पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिये था, लेकिन ऐसा नहीं करके इसकी आड़ में जो संकीर्ण राजनीति की जा रही है वह ठीक नहीं है व जनविरोधी भी है.

(5) किन्तु अब पूरी उम्मीद है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट इस मामले का खुद संज्ञान लेकर अपने संविधान के साथ किसी भी पार्टी व फ्रंट आदि को छेड़छाड़ करने का मौका नहीं देगा.”

कांग्रेस ही लाई थी नाम बदलने का प्रस्ताव-राजभर

सिर्फ बीएसपी ही नहीं हाल में बीजेपी के साथ हाथ मिलाने वाले सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने भी कांग्रेस को ही इस विवाद के लिए जिम्मेदार बताया है. ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि, “विपक्ष को खुद नहीं पता कि 1949 में कांग्रेस पार्टी भारत नाम रखने का प्रस्ताव सदन में लाई थी…आज कांग्रेस जो कह रही है कि उनके गठबंधन का नाम रखने के बाद भाजपा ऐसा कर रही है वह उनकी गलतफहमी है, उन्हें खुद नहीं पता कि कब-कब सदन में इस नाम को रखने पर चर्चा हुई है.”

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