Jitan Ram Manjhi: पूर्व मुख्यमंत्री ने क्यों की केके पाठक की तारीफ, जानिए मांझी ने ऐसी क्या मांग की जो ला सकती है प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांति

बिहार में शिक्षा विभाग के सिस्टम को पटरी पर लगाने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के लिए फैसले अकसर विवादों की वजह बन जाते है. फिर चाहें प्रोफाइल ई – शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर वेतन रुकवाने का मामला हो या फिर शिक्षकों और स्कूलों की छुट्टियों में फेर बदल. स्कूलों का औचक निरीक्षण हो या शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया को सुचारु बनाना नीतीश कुमार के इस चहेते अफसर की चर्चा चारों ओर होती ही रहती है. लेकिन नीतीश के बाद एक और पूर्व मुख्यमंत्री इस अफसर के फैन हो गए है. उन्होंने केके पाठक की तारीफ तो की लेकिन साथ ही ऐसी मांग भी कर डाली की जिसे पूरा करने खुद नीतीश कुमार के भी बस की बात न हो.

मांझी ने की केके पाठक की तारीफ

जी हां नीतीश कुमार के चहेते अफसर की तारीफ किसी और ने नहीं बल्की आजकल नीतीश कुमार के सबसे बड़े विरोधी माने जाने वाले हम पार्टी के सुप्रीमों जीतन राम मांझी ने की है. मांझी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट लिखी है जिसमें उन्होंने लिखा है, “वैसे तो के के पाठक साहब शिक्षा के दिशा में अद्वितीय काम कर रहें हैं. पर यदि वह एक काम और कर दें तो शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हो जाएगा. “मुख्य सचिव का बच्चा हो या चपरासी का, विधायक का बच्चा हो या मंत्री का, सरकार से वेतन उठाने वालों के बच्चे सरकारी स्कूल में ही पढ़ेंगे.”

बिहार की राजनीति में जिस वक्त सरकार बदलने और पार्टियों के टूटने और विलय की चर्चा है वहां पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की मांग लीग से हट के है. और अगर देखा जाए तो जब से बिहार में नीतीश कुमार ने लालू यादव की पार्टी आरजेडी का हाथ थामा है तबसे वो लीग से हटकर ही काम कर रहे हैं फिर चाहे वो जाति गणना हो, आरक्षण का दायरा बढ़ाना हो या फिर नियुक्ति पत्रों का बंपर वितरण ऐसे में अगर इस लीग से हटकर की गई पूर्व मुख्यमंत्री मांझी की मांग मुख्यमंत्री या उनके उप मुख्यमंत्री के समझ में आ गई तो कहीं ऐसा न हो कि 2025 से पहले ही बिहार की शिक्षा व्यवस्था में क्रांति आ जाए.

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