नई दिल्ली : जर्मनी में एक बच्ची आरिहा शाह Ariha Shah की कस्टडी चर्चा का विषय बनी हुआ है. आरिहा शाह Ariha Shah के माता पिता जर्मनी में नौकरी कर रह रहे थे. वहां एक दिन अचानक एक हादसा हो गया 7 महीने की बच्ची आरिहा को चोट लग गई. मां धारा और पिता भावेश बच्ची को लेकर अस्पताल गये . वहां डॉक्टरों ने बच्ची आरिहा Ariha Shah का इलाज तो कर दिया लेकिन पुलिस को भी बुला लिया. जर्मनी की पुलिस ने बच्चे को चोट पहुंचाने का आरोप लगाकर 7 महीने की मासूम को उसके माता पिता से लेकर अपने पास रख लिया. आरिहा 2021 से जर्मनी यूथ वेलफेयर कार्यालय की कस्टडी में है.
#WATCH …जून में अदालत ने उसकी (अरिहा शाह) पूरी हिरासत जर्मन चाइल्ड सर्विसेज को दे दी। ये कोर्ट का एकतरफ़ा फैसला था। हमें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया… वे अरिहा को भारतीय वस्तुओं का उपयोग करने की भी अनुमति नहीं दे रहे हैं… हमें अब उसकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी… pic.twitter.com/pSy4Izd0Dt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 11, 2023
7 महीने की Ariha Shah दो साल से जर्मन पुलिस के पास है
आरिहा के माता-पिता अपनी बेटी को अपने पास लाने के लिए हर तरह से लड़ाई लड़ चुके हैं ,लेकिन उन्हें अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. जर्मनी की कोर्ट ने बच्ची की कस्टडी उसके माता पिता को सौंपने से इंकार कर दिया है. कोर्ट ने ये मानने से इंकार कर दिया है कि बच्ची को किसी साधारण घटना में चोट लगी है. कोर्ट का मानना है कि बच्ची के साथ उसका यौन उत्पीडन किया गया है .आरिहा मात्र 27 महीने की बच्ची है.
आरिहा की मां अब भारत आकर दिल्ली में भारत सरकार से गुहार लगा रही है कि सरकार उनकी मदद करे और बच्ची की कस्डटी अगर उसके माता पिता को नहीं मिलती है तो कम से कम इंडियन वेलफेयर सर्विसेज को दे दे . आरिहा की मां धारा शाह सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए जंतर मंतर पर बैठ गई है.
आरिहा की मां कह रही है कि वेलफेयर के नाम पर उनकी 27 महीने की छोटी सी बच्ची को मानसिक रुप से बीमार बच्चों के साथ ऱख दिया गया है जबकि उनकी बच्ची बिल्कुल नार्मल है. आरिहा को भी दूसरे बच्चों के तरह और हर भारतीय की तरह अपने सांस्कृतिक उसत्वों में शामिल होने का अधिकार है . बच्ची से उसके सांस्कृतिक अधिकार ना छीने जायें. आरिहा को इंडिनयन कम्यूनिटी के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने का मौका मिलना चाहिये. आरिहा की मां धारा शाह का कहना है कि जर्मन सरकार अब उनकी बच्ची से ना उन्हें मिलने दे रही है औऱ ना ही इंडियन कम्यूनिटी के किसी भी व्यक्ति को उनसे मिलने दे रही है. कोर्ट ने बिना उनकी बात सुने एकतरफा फैसला सुना दिया और माता पिता के भी बच्ची से मिलने पर रोक लगा ही है. अब अपनी मांगे लेकर आरिहा की मां धारा शाह जर्मन दूतावास अधिकारी से मुलाकात करेगी .

