CAA Notification : केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में लागू नहीं होगा CAA कानून,पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी ने किया विरोध,जानिये वजह

नई दिल्ली : सोमवार को केंद्र सरकार ने देश भर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA-2019) को लागू करने के लिए CAA Notification नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. जाहिर हैं ये CAA Notification नोटिफिकेशन पूरे देश के राज्यों पर लागू करने के लिए जारी किये गये हैं. लेकिन जानकारों के मुताबिक केरल,पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस कानून को लागू कहीं किया जा सकेगा.

CAA Notification गृहमंत्री अमित शाह ने बताई कानून की खासियत  

केंद्र सरकार के इस CAA कानून के नोटिफिकेशन के साथ  इसका विरोध भी शुरु हो चुका है. गृहमंत्री अमित शाह ने इस कानून की खासियत बाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि इस कानून से दूसरे देशों के आने वाले प्रताडित अल्पसंख्यकों को यहां की नागरिकता मिल पायेगी.

ममता बैनर्जी ने किया विरोध

CAA की अधिसूचना जारी होते ही सबसे पहले विरोध के स्वर पश्चिम बंगाल औऱ केरल से उठे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अभी उन्होंने अधिसूचना देखी हैं. अभी उनके पास अधिसूचना आई नहीं है.अधिसूचना आने के बाद देखेंगे कि लागू कर सकते हैं या नहीं . ममता बैनर्जी ने साफ तौर से कहा कि वो इस कानून को अपने राज्य में लागू करने की तभी सोचेगी जब उसमें जाति धर्म या भाषा के आधार पर कोई भेदभाव ना हो. अगर ऐसा हुआ तो हम इसे मंजूर नही करेंगे.ममता बैनर्जी ने कहा कि पूरे नियम देखने के बाद वो मंगलवार को प्रेस कांफ्रेस करेंगी.ममता बनर्जी ने साफ तौर से कहा कि अगर CAA कानून के सहारे किसी की नागरिकता छीनी जाती है तो हम चुप नहीं रहैंगे. ये बंगाल है यहां हम इसे लागू नहीं होने देंगे.

केरल में 2019 से ही हो रहा है विरोध

केंद्र की अधिसूचना आने का बाद केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि हम कई बार  कह चुके है कि हम केरल में CAA को लागू नहीं होने देंगे. जो कानून मुसलमानो को दोयम दर्जे का मानता है, ऐसे सांप्रदयिक कानून के विरोध में पूरा केरल खड़ा होगा. विजयन ने कहा कि 2019 में लोकसभा से बिल पास होने के बाद केरल पहला राज्य था जिसने विधानसभा में प्रस्ताव पास करके इस कानून को रद्द करने का मांग की थी.

उत्तर पूर्वी राज्यों में भी लागू नहीं होगा CAA कानून

केंद्र सरकार ने भले ही नोटिफिकेशन पूरे देश के लिए जारी किया है लेकिन केरल, बंगाल के अलावा उत्तर पूर्व के भी राज्य हैं जहां ये कानून लागू नहीं होगा. इसकी वजह से यहां लागू प्रावधान. संविधान की छठी अनूसूचि के मुताबिक मेघालय, असम, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों को संरक्षित किया गया है, इसके साथ ही यहां इनलर लाईन परमिट सिस्टम लागू है. इसलिए इन राज्यों में भी CAA के नियम लागू नहीं होंगे

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CAA कानून की खास बातें    

CAA के तहत क्या होंगे प्रावधान, किसे मिलेगी नागरिकता ?  

CAA यानी नागरिकता संशोधन कानून को दिसंबर 2019 में लोकसभा में पेश किया गया और पास भी करा लिया गया. 2019 मे ही राज्यसभा से भी कानून को मंजूरी मिल गई, हलांकि उस समय ये साफ नहीं था कि आखिरकार इस कानून के भीतर है क्या? अब ये साफ किया गया है कि इस कानून के तहत  प्रवधान किया गया है कि भारत के पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, बंग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशो के आये हिंदु , बौध , सिख , इसाई, जैन औऱ पारसी समुदाय के उन लोगों को भारत की नागरिकता दे दी जायेगी जो दिसंबर 2014 से पहले भारत में आकर बस गये हैं, भले ही इनके पास भारत के अंदर आने के लिए कोई वैध दस्तावेज ना हों.

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