India- Bangladesh Reletion : बंग्लादेश में प्रचंड बहुमत से चुनकर आये तारिक रहमान (Tariq Rehman) मंगलवार यानी कल देश के अगले प्रधानमंत्री के रुप में शपथ लेने जा रहे हैं. पड़ोसी देश में नई लोकतांत्रिक सरकार बनने से भारत और बंग्लादेश के बीच संबंधो में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है. कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले बंग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बयान दिया है कि मौजूदा विवादों का आने वाले दिनों मे बनने वाले संबंधों पर असर नहीं पड़ना चाहिए . मुद्दों का समाधान बातचीत से निकाला जाना चाहिए.
India- Bangladesh Reletion:2024 से दोनों देशो के बीच रिश्तो में है तनाव
बांग्लादेश में इस समय सत्ता की बागडोर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान के हाथों में है. हाल ही में देश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी की बागडोर उनके बेटे तारिक रहमान के हाथ में आई है और अब आम चुनावों में बंपर वोटों के साथ 16 फरवरी यानी मंगलवार को बीएनपी नेता देश के अगले प्रधानमंत्री के पद की शपथ लेने जा रहे हैं.
भारत में उनके शपथ ग्रहण की चर्चा इसलिए भी जोर शोर से हो रही है क्योंकि अगस्त 2024 में बंग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से भारत में शरणार्थी के रुप में रह रही हैं. जब से भारत ने शेख हसीना के अपने देश में शरण दी है, तब से ही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की भारत के साथ रिश्तों में ज्यादा तल्खी देखी गई. अब जब बांग्लादेश में चुनी हुई नई सरकार आ रही है तो इस बात की चर्चा और बढ़ गई है कि क्या नई सरकार से साथ भी शेख हसीना के कारण दोनों देशो के बीच रिश्तों में कड़वाहट रहेगी ?
भारत ने शेख हसीना का मौजूदगी का क्या होगा असर ?
इस संबंध में बंग्लादेश के बीएनपी नेता लगातार विदेशी मीडिया से भी बात कर रहे हैं. भारत के एक अंग्रेजी अखबार The HIndu से बात करते हुए बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि हलांकि उनकी सरकार कानूनों के आधार पर प्रत्यर्पण की बात करेगी लेकिन शेख हसीना की भारत में मौजूदगी से बांग्लादेश और भारत के बीच संबंधों को आगे ले जाने की गति नहीं रुकेगी.
बीएनपी लीडर आलमगीर ने कहा, “हम मानते हैं कि शेख हसीना ने गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन किए हैं और लोग उन्हें सजा देने की मांग कर रहे हैं. हमारा मानना है कि भारत को उन्हें हमारे हवाले करना चाहिए लेकिन अगर शेख हसीना को बांग्लादेश को नहीं सौंपा जाता है, तब भी यहे मुद्दा दोनों देशो के बीच व्यापार, वाणिज्यिक संबंधों सहित व्यापक रिश्तों को आगे बढ़ाने में बाधा नहीं बनेगी. हम संबंध को बेहतर बनाना चाहते हैं.’
मो. यूनुस सरकार ने शेख हसीना के मुद्दे को बनाया बड़ा
बंग्लादेश में छात्र आंदोलन के नाम पर शुरु हुए सत्ता विरोधी आंदोलन और शेख हसीना की सरकार के तख्ता पलट के बाद मोहम्मद यूनुस की ने अंतरिम सरकार ने मुखिया के तौर पर 17 महीनों तक शासन किया. सत्ता की बागडोर संभालते ही मो. यूनुस ने जिस तरह का रुख अपनाया उसने भारत के साथ बंगालदेश के संबंधो को सबसे निचले स्तर तक पहुंचा दिया. सत्ता पर अपनी पकड़ बनाये रखने के लिए मो. यूनुस ने बार- बार शेख हसीना के प्रत्यर्पण को मुद्दा बनाया हालंकि भारत ने कभी भी बांग्लादेश की इन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने हिंदुस्तानी मीडिया से बात करते हुए कहा कि शेख हसीना, उनके मंत्रियों और उन नौकरशाहों के खिलाफ विद्रोह के दौरान हत्याओं और अपराध के मामले में जो केस चल रहे हैं,वो आगे भी चलते रहैंगे.
भारत-बांग्लादेश मिलकर करेंगे काम – इस्लाम आलमगीर
इस्लाम आलमगीर का कहना है किअमेरिका और चीन के बीच भी कई तरह के मतभेद हैं फिर भी वो साथ मिलकर काम कर रहे हैं. भारत और बांग्लादेश संबंधों को केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं रखना चाहिए.
भारत के साथ किन मुद्दों को उठाएगी बांग्लादेश की नई सरकार ?
बीएनपी नेता इस्लाम आलमगीर ने कहा कि “नई सरकार भारत के साथ अगले साल से पहले गंगा जल संधि के नवीनीकरण के तहत फरक्का के पानी का मुद्दा उठायेगी. सीमा पर होने वाली हत्याओं का भी मुद्दा है और इस पर दोनों देशो के बीच बात होनी चाहिये. हमें भारत से युद्ध नहीं चाहिये , हमें बातचीत करनी होगी. जो लोग अभी भारत से लड़ने की बात करते हैं, वो पागलों जैसी बात कर रहे हैं.
इस्लाम आलमगीर ने कहा कि बीएनपी अपने 31 सूत्रीय एजेंडे के माध्यम से भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, वाणिज्य, क्षमता निर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग के मौके बढ़ाएगा. भारत के पास टेक्निकल एजुकेशन के संसाधन हैं . आलमगीर ने कहा कि भारत के पास संसाधन है और हमारे पास बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा. हमें इन्हे स्कील्ड करना है , ताकि इन युवाओं को खाड़ी के देशों में रोजगार मिल सके .

