TMC MP महुआ मोइत्रा ने सोमवार को UP CM योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और उन्हें पश्चिम बंगाल की एक रैली में सुभाष चंद्र बोस के नारे ‘तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ को स्वामी विवेकानंद का बताने पर “बुलडोजर बुद्धि” Bulldozer buddhi कहा. महुआ के इस पोस्ट पर समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव भी चुटकी लेते हुए कहा, “नाम बदलने वालों के ही नाम बदले दिया”
अखिलेश यादव की यह बात आदित्यनाथ के राज में जगहों और संस्थाओं के नाम बदलने पर एक तीखी टिप्पणी के तौर पर कही.
नमस्ते Bulldozer buddhi…- महुआ मोइत्रा के पोस्ट को अखिलेश ने किया शेयर
इस बीच, मोइत्रा, जिन्होंने अपनी पोस्ट में आदित्यनाथ पर निशाना साधा और लिखा, “नमस्ते बुलडोजर बुद्धि @myogiadityanath अपने फैक्ट्स सही करो. नेताजी सुभाष बोस ने कहा था ‘तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’. स्वामी विवेकानंद ने ऐसा नहीं कहा था. प्लीज़ UP में फैंटा पीने वापस जाओ और बंगाल को अकेला छोड़ दो. तुम एक मज़ाक हो.”
नाम बदलनेवालों का ही नाम बदल दिया। pic.twitter.com/JYNtj3gMUM
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 20, 2026
टीएमसी सांसद के इसी पोस्ट को टैग करते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लिखा, ‘नाम बदलनेवालों का ही नाम बदल दिया’
टीएमसी ने पोस्ट किया योगी आदित्यनाथ का वीडियो
इसके साथ ही टीएमसी ने अपने ऑफिशियल हैंडल से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का वो वीडियो, जिसमें वे नेताजी के नारे को गलत तरीके से स्वामी विवेकानंद का बता रहे हैं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर भी किया.
पोस्ट में लिखा था, “योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर @BJP4India की बंगाल के इतिहास के प्रति चौंकाने वाली अनदेखी और नफ़रत को सामने ला दिया है. उन्होंने अमर लाइन ‘तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ को स्वामी विवेकानंद से जोड़ा. यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे.”
Yogi Adityanath has once again exposed @BJP4India’s shocking ignorance and contempt for Bengal’s history.
He attributed the immortal line “Give me blood and I will give you freedom” to Swami Vivekananda. It was Netaji Subhas Chandra Bose.
Two completely different icons. Two… pic.twitter.com/6goihwsRIy
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 20, 2026
टीएमसी ने X पर पोस्ट में आगे लिखा, “दो बिल्कुल अलग आइकॉन. दो बिल्कुल अलग लेगेसी. दोनों बंगाल के बेटे. दोनों की एक ही आदमी ने एक ही लाइन में बेइज्ज़ती की. वे स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस में फ़र्क नहीं बता सकते. वे गलत कोट देते हैं. वे स्वामी विवेकानंद की मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं और उन्हें नेताजी कहते हैं. और फिर भी यही लोग ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का सपना देखने की हिम्मत करते हैं. उनकी नासमझी की गहराई उनके घमंड से ही मेल खाती है,”
आपको बता दें, पश्चिम बंगाल में दो फेज में वोटिंग होगी — पहला फेज 23 अप्रैल को और दूसरा फेज 29 अप्रैल को. सभी पोलिंग वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटों की गिनती 4 मई, 2026 (सोमवार) को होगी.
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