Union Budget 2026 : 1 फरवरी 2026 यानी रविवार को स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार देश का आम बजट (Union Budget 2026) पेश किया जा रहा है. आम बजट को लेकर हर बार की तरह इस बार भी शेयर बाजार से लेकर आम लोगों तक को सरकार से उम्मीदें हैं कि सरकार उनके लिए कुछ नई सहूलियतें और राहत लेकर आयेगी. ऐसे में आइये हम जानते है कि आने वाले बजट को लेकर देश के जानकार लोग क्या कह रहे हैं ?
Union Budget 2026 : कैसी होगी तस्वीर ?
आम बजट को लेकर जानकारों का मानना है कि इस बार वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जो वित्तीय लेखा-जोखा पेश करने वाली हैं, उससे देश के आर्थिक सर्वे की वो तस्वीर भी साफ हो जायेगी कि इससे आने वाले साल में अर्थव्यवस्था कितनी को कितनी मजबूती या नई दिशा मिलेगी .
आर्थिक सर्वे ने रखी ऐसी रखी तस्वीर
बजट से पहले आने वाले आर्थिक सर्वे में जहां एक तरफ जीडीपी में ग्रोथ, रोजगार, महंगाई और राजकोषीय घाटे को लेकर सरकार के कामकाज और चुनौतियों का लेखा-जोखा रखा गया है वहीं दूसरी तरफ आधारभूत संरचना(infrastructure), उत्पादन (Production) मैन्युफैक्चरिंग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) और लोक कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ाने के संकेत दिए गये हैं.
देश के इकोनिक सर्वे के आधार पर ही ये सवाल उठ रहे हैं कि इस साल के आम बजट में देश के आम नागरिक, मध्यवर्ग, किसान, उद्योग और राज्यों के लिए क्या कुछ नई सहूलियतें और राहत मिल सकती है?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commissions)
केंद्र सरकार इस बार के बजट में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आने वाले 8th Pay Commissions की घोषणा कर सकती हैं. आठवें वेतन आयोग में अगर सरकार वेतन में संशोधन और पेंशन के वित्तीय बोझ को संतुलित करने के लिए किसी तरह का प्रावधान करती हैं तो ऐसे में आयोग की सिफारिशों के जल्द लागू होने की उम्मीदें बढ़ जायेंगी.अगर सब कुछ तय समय के अनुसार हुआ तो आयोग 2027 मई की समयसीमा में ही अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है.
‘लो–इम्पैक्ट इवेंट’ का हो सकता है ये बजट: एमके ग्लोबल
फाइनेंसियल सर्विसेस कंपनी एमके ग्लोबल (Emkay Global) का अनुमान है कि 1 फरवरी को आने वाला केंद्रीय बजट ‘लो–इम्पैक्ट इवेंट’हो सकत है. फर्म के आंकलन के मुताबिक एनवल ग्रोथ को सपोर्ट करने वाले अधिकतर फैसले पिछले साल ही लागू किये जा चुके हैं, जैसे – इनकम टैक्स रिफॉर्म, GST 2.0 रिफॉर्म. इसलिए इस बजट में किसी बड़ी और नई घोषणाओं के लिए गुंजाइश बहुत सीमित है. अगर कोई भी नया रिफॉर्म आया भी, तो वह ग्रैजुअल होगा, जिसका असर लंबी अवधि में दिखेगा.
बजट से पहले सोने चांदी के दाम में बड़ी गिरावट
आम बजट के ऐलान से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट हुई है.चांदी की कीमत में जहां 1 लाख रु से ज्यादा की गिरावट देखी गई है, वहीं सोना की कीमत भी 33,000 रु तक कम हुई है.
सर्राफा बाजार में चांदी 40,638 रुपये सस्ता हुआ है,वहीं सोना 9,545 रुपये सस्ता हुआ है.
सोमवार को ओक बार फिर से सोने चांदी की कामतों मे बदलाव देखने के लिए मिल सकता है.
बजट से आम लोगों की उम्मीदें
मध्यम वर्ग को बड़ी उम्मीद है कि सरकार जीएसटी रेट में सुधार के बाद आम नौकरी पेशा लोगों के उपर आयकर में राहत देने के लिए कदम उठायेगी. कुल मिलकार आम लोगों को इंकम टैक्स स्लैब में बदलाव होने की उम्मीद है. इसके साथ ही होम लोन ब्याज पर पर डिडक्शन की सीमा बढ़ाने की भी उम्मीद है ताकि अधिक से अधिक लोगों के लिए अपना घर खरीदना आसान हो सके.
महिलाएं आमतौर पर कम आय सीमा के दायरे मेँ आने वाली महिलाओं को उम्मीद है कि सरकार उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं का दायरा बढायेगी. महिला उद्यमियों को आगे बढाने के लिए सस्ते लोन की व्यवस्था होगी. इसके अलावा कामकाजी महिलाओं को टैक्स स्लैब में कुछ खास छूट भी मिलेगी.
युवाओं की नजर रोजगार के नए अवसरों पर है. इसमें खास तौर से उन युवाओं को सरकार से उम्मीदें है जो स्टार्टअप्स चलाने के लिए काम कर रहे हैं. एजुकेशन लोन (Education Loan) आदि पर भी टैक्स रिबेट की उम्मीद की जा रही हैं.
किसान: किसानों को PM-Kisan योजना की राशि बढ़ाए जाने और खाद-बीज पर सब्सिडी जारी रहने की उम्मीद है. साथ ही, वे फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कदम चाहते हैं.

