बंगाल के हार्बर और मगराहाट के 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग, जानें क्या है वजह

West Bengal Re-polling : दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में 4 मई यानी की केवल 24 घंटे बाद विधानसभा के चुनावों के लिए मतगणना होने वाली है लेकिन उससे पहले चुनाव आयोग ने राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले की दो महत्वपूर्ण सीटों—डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम—के 15 मतदान केंद्रों पर आज पुनर्मतदान (Re-polling) कराने का फैसला किया है. काउंटिंग से पहले आज इन दोनों जगहों पर पुनर्मतदान हो रहा है. इन मतदान केंद्रों  पर ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ और धांधली की शिकायतों  के बाद चुनाव आयोग ने  इन केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया है. हलांकि सवाल ये भी है कि जहां हर बूछ पर केंद्रीय सुरक्षाबल के जवान तैनात थे, जहां सभी जगहों पर इन कैमरा वोटिंग कराया जा रहा था , उन जगहों पर धंधली और छोड़छाड़ की शिकायत कैसे आई, ये बड़ा सवाल है.

West Bengal Re-polling:सुबह 11 बजे तक का हाल 37.06 % मतदान

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. सुबह 11 बजे तक कुल 37.06% मतदान दर्ज किया गया है.

  • मगराहाट पश्चिम (4 बूथ): यहाँ सुबह 11 बजे तक 38.2% वोटिंग हुई है.

  • डायमंड हार्बर (11 बूथ): यहाँ 11 बजे तक 35.92% मतदान हुआ है.

इन केंद्रों पर मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई थी, जो शाम 6 बजे तक चलेगी.

क्यों हो रही है री-पोलिंग? (EVM पर लगा था ‘टेप’)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया था कि चुनाव के दौरान ईवीएम के साथ गंभीर छेड़छाड़ की गई. विशेषकर फलता इलाके में एक बूथ पर भाजपा के ‘कमल’ के निशान वाले बटन को टेप लगाकर छिपाने की कोशिश की गई थी. सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत मतदान को रद्द कर दोबारा वोटिंग का फैसला किया.

30 अन्य बूथों पर भी लटकी तलवार

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के अनुसार, फलता विधानसभा क्षेत्र के 30 अन्य बूथों पर भी पुनर्मतदान हो सकता है. जिला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी के प्रति आयोग की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है.

जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया

बाहीरापुरा कुरकुरिया एफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं. जहाँ कुछ मतदाता दोबारा वोटिंग होने से हैरान थे, वहीं कई लोगों ने स्थानीय मुद्दों जैसे खराब सड़कें और पानी की कमी को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया.

रिकॉर्ड तोड़ मतदान का इतिहास

बता दें कि इस बार पश्चिम बंगाल में दो चरणों में कुल 92.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो आजादी के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. पहले चरण (23 अप्रैल) में 93.19% और दूसरे चरण (29 अप्रैल) में 92.67% वोटिंग हुई थी.

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