संदीप पाठक पर गिरफ्तारी की तलवार: BJP में शामिल होते ही पंजाब पुलिस ने दर्ज कीं 2 गंभीर FIR

Sandeep Pathak FIRपंजाब की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने दो अलग-अलग जिलों में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया. हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए पाठक पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.

Sandeep Pathak FIR: भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के गंभीर आरोप

सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस ने संदीप पाठक के खिलाफ भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न से संबंधित दो अलग-अलग गैर-जमानती एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं. गौरतलब है कि संदीप पाठक को 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में ‘आप’ की ऐतिहासिक जीत का मुख्य रणनीतिकार और ‘वास्तुकार’ माना जाता था. 

यह पुलिसिया कार्रवाई पंजाब विधानसभा में ‘आप’ सरकार द्वारा विश्वास मत जीतने के ठीक एक दिन बाद हुई है, जिससे टाइमिंग को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

राजनीतिक प्रतिशोध या कानूनी कार्रवाई?

संदीप पाठक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है. उन्होंने कहा:

“मुझे ऐसी किसी एफआईआर की आधिकारिक जानकारी नहीं है। मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से देश की सेवा की है। अगर मेरे खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो रही है, तो यह दर्शाता है कि सत्ता में बैठे लोग कितने डरे हुए हैं।”

BJP ने खोला मोर्चा: ‘बदले की भावना से काम कर रही सरकार’

संदीप पाठक के समर्थन में भाजपा पूरी तरह उतर आई है. भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि जैसे ही पाठक ‘आप’ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए, उन पर अचानक पुराने मामलों में एफआईआर दर्ज कर दी गई. भाजपा ने आरोप लगाया कि पंजाब में अब कानून का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के डर और असुरक्षा का शासन चल रहा है.

AAP के लिए बड़ा झटका: राज्यसभा में घटी संख्या

बता दें कि हाल ही में आम आदमी पार्टी को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 10 में से 6 राज्यसभा सांसदों ने सामूहिक रूप से पाला बदलकर भाजपा का हाथ थाम लिया. इन सांसदों में शामिल थे:

  1. संदीप पाठक

  2. राघव चड्ढा

  3. हरभजन सिंह

  4. अशोक मित्तल

  5. राजेंद्र गुप्ता

  6. विक्रमजीत साहनी

राज्यसभा सभापति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा इन सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी मिलने के बाद, उच्च सदन में ‘आप’ की ताकत घटकर अब केवल 3 रह गई है. संदीप पाठक पर दर्ज हुई ये FIR पंजाब की राजनीति में एक नए टकराव की शुरुआत है. जहाँ एक तरफ पुलिस अपनी जांच को कानूनी प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र की हत्या और बदले की राजनीति करार दे रहा है. आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और राजनैतिक, दोनों मोर्चों पर तूल पकड़ सकता है.

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