पहले मुस्कुराये फिर हाथ जोड़ किया अभिवादन,जब संसद में आमने-सामने आए पीएम मोदी और राहुल गांधी, देखें वीडियो

PM Modi Rahul Gandhi Meeting: केरलम, बंगाल और तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में चुनावी पारा अपने चरम पर है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी तीर चल रहे हैं. इसी गहमागहमी के बीच शनिवार सुबह देश की संसद से एक बेहद खूबसूरत और शिष्टाचार से भरी तस्वीर निकलकर सामने आई. संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आमना-सामना हुआ। इस मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि दोनों नेताओं के चेहरों पर मुस्कुराहट थी और उन्होंने एक-दूसरे का पूरे सम्मान के साथ अभिवादन किया.

PM Modi Rahul Gandhi Meeting :प्रेरणा स्थल पर जुटे वरिष्ठ सांसद और नेता  

संसद के ‘प्रेरणा स्थल’ पर आयोजित इस कार्यक्रम में जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे, वहां पहले से मौजूद राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर उनका स्वागत किया. प्रधानमंत्री ने भी तत्काल उसी गर्मजोशी के साथ हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया. इसके बाद जो हुआ उसने सबका ध्यान खींच लिया. औपचारिकता के बाद दोनों नेता काफी देर तक एक-दूसरे से बातचीत करते नजर आए. हालांकि, चुनावी माहौल में उनके बीच किस मुद्दे पर चर्चा हुई यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन वीडियो में दोनों ही नेता काफी गंभीर चर्चा में डूबे दिखाई दिए.

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती का खास अवसर

दरअसल, यह मौका था महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती का. इस ऐतिहासिक अवसर पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर एक विशेष पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसी समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश सहित राजनीति के कई दिग्गज जुटे थे. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर महात्मा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया.

पीएम मोदी ने समाज सुधारक फुले को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने समाज में समानता और शिक्षा की अलख जगाने वाले ज्योतिराव फुले को याद करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने लिखा कि महात्मा फुले का जीवन न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित था. उन्होंने महिलाओं और समाज के पिछड़े वर्गों के अधिकारों की वकालत करने में अग्रणी भूमिका निभाई. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि फुले के प्रयासों की वजह से ही आज शिक्षा सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बन सकी है. उनके विचार आज भी सामाजिक प्रगति की दिशा में हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं.

चुनावी शोर में शिष्टाचार की मिसाल

राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात की चर्चा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि पांच राज्यों के चुनावों के कारण इस समय सियासी माहौल काफी तल्ख है. ऐसे समय में सत्ता और विपक्ष के शीर्ष नेताओं का एक साथ खड़ा होना और सौहार्दपूर्ण तरीके से बात करना भारतीय लोकतंत्र की एक स्वस्थ तस्वीर पेश करता है. भले ही वैचारिक मतभेद हों, लेकिन महापुरुषों के सम्मान में एक मंच पर आना और एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाना बताता है कि लोकतंत्र में संवाद की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है.

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