Thursday, March 5, 2026

नीतीश को मिला सम्मानजनक एक्जिट, बीजेपी के प्लान में अपना सीएम चुनाव से पहले से था तय !

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार Nitish Kumar ने राज्यसभा चुनाव 2026 के चुनाव के लिए जनता दल यूनाटेड से नामांकन दाखिल कर दिया है. नीतीश कुमार ने आज 5 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन किया. नामांकन के समय उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. सीएम नीतीश कुमार के बिहार राज्यसभा के लिए नामांकन करने के साथ ही ये तय हो गया है कि अब प्रदेश में सबसे लंबी अवधि यानी करीब 19-20 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद नीतीश कुमार बिहार से एक्जिट कर रहे हैं.

Nitish Kumar 10 बार बने बिहार के मुख्यमंत्री 

नीतीश कुमार का नाम बिहार में एक रिकार्ड के तौर पर दर्ज है, क्योंकि 75 साल के इस बुजुर्ग नेता ने अलग-अलग पार्टियों के साथ मिलकर अब तक 10 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभाली है. जबर्दस्त राजनीतिक समझ और तालमेल करने की हुनर के कारण वो बिहार में कभी महागठबंधन तो कभी एनडीए के साथ मुख्यमत्री बनते रहे. बिहार में तो ये ये बाक एक कहावत के तौर पर कही जाने लगी कि चुनाव कोई भी पार्टी जीते.. मुख्यमंत्री तो नीतीश कुमार ही रहैंगे. 2025 विधानसभा चुनाव में  एनडीए के साथ मिलकर चुनाव जीतने और बीजेपी से कम सीटें आने के बावजूद उन्हें बीजेपी ने मुख्यमंत्री बनाया लेकिन दसवीं बार राज्य की बागडोर संभालने के केवल 3 महीने (20 नवंबर को शपथ ग्रहण) बाद ही सीएम नीतीश कुमार ने अपना पद छोड़ रहे हैं.

बीजेपी ने पहले ही बनाया था प्लान ?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बिहार में लगातार इस बात की चर्चा थी कि बीजेपी और जेडीयू गठबंधन चुनाव जीतकर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बना भी देती है, तो वो ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं रहैंगे. बीजेपी केवल चुनाव जीतने के लिए जेडीयू साथ चुनाव लड़ रही है. चुनाव के दौरान महागठबंधन ने लगातार इस बात को दोहराया लेकिन बीजेपी और जेडीयू के नेताओं ने इस खबर को सिरे से खारिज किया. यहां तक की मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार ने ये दावा किया था कि नीतीश कुमार अगर मुख्यमंत्री बने तो किसी हाल में हटाये नहीं जायेंगे.

लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बनी नई एनडीए सरकार में केवल करीब तीन महीने बाद ही सीएम नीतीश कुमार ने पद छोड़ने का बात कह दी है.

हलांकि आधिकारिक तौर से भले ही नीतीश कुमार ने खुद सीएम का पद छोड़ राज्यसभा जाने की बात कही है लेकिन प्रदेश के जेडीयू कार्यकर्ताओं का मानना है कि नीतीश कुमार के साथ साजिश की गई है और उन्हें साजिश के तहत बिहार से हटाया जा रहा है. नीतीश कुमार के नामांकन के साथ ही बिहार में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया है और नीतीश कुमार के पद छोड़ने का विरोध कर रहे हैं. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव  का कहना है कि हमने चुनाव के दौरान जो कहा था वो सच हो गया. बीजेपी ने बिहार में भी महाराष्ट्र मॉल लागू कर दिया है.

निशांत कुमार के आने से पहले कार्यकर्ता नाराज

बीते कई दिनों से ये चर्चा हो रही थी कि नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत को पार्टी मे लाकर बड़ी भूमिका देने की तैयारी में है लेकिन जेडीयू कार्यकर्ताओं को  मानना है कि फिलहाल निशांत कुमार के नेतृत्व में पार्टी की कमान देना ठीक नहीं है.

गुरुवार को सुबह से ही इस बात की खबर थी कि निशांत कुमार पार्टी दफ्तर आयेंगे और पार्टी की सदस्यता लेंगे. इस खास मौके पर भोज के आयोजन की भी तैयारी थी लेकिन नीतीश कुमार के पद छोड़ने की खबर के साथ ही जश्न का ये माहौल आक्रोश में बदल गया. पटना में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने भोज स्थल पर जमकर तोड़ फोड़ की. कार्यकर्ताओं के आक्रोश का या वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

 

कार्यकर्ता जहां इसे साजिश मान रहे  हैं वहीं जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार ने ये फैसला अपने गिरते स्वास्थ  को देखते हुए किया है. 75 साल की उम्र में बतौर मुख्यमंत्री प्रशासन की बागडोर संभालना मुश्किल हो रहा था और राज्य पूरी तरह से नौकरशाही के हाथों में जा रहा था . ऐसे में एनडीए ने राज्य हित में नेतृत्व बदलने का फैसला किया है. कयास लगाये जा रहे हैं  कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा और इसके लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नित्यानंद राय का नाम सबसे आगे हैं.

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